नेल्लोर में नव वर्ष महामांगलिक समारोह संपन्न

नेल्लोर में नव वर्ष महामांगलिक समारोह संपन्न

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नेल्लोर। श्रमण संघीय उपाध्याय प्रवर पू. प्रवीणऋषीजी म.सा.आदि ठा.4 की निश्रा में श्री सुमतीनाथ जैन मंदीर नेल्लोर, आंध्रप्रदेश में नवववर्ष 2017 महामांगलिक समारोह का आयोजन किया गया। चेन्नई चातुर्मास 2016 के समापन पश्चात् मुनीश्री का आंध्रप्रदेश की सुवर्णनगरी नेल्लोर में आगमन हुआ।

चार मंगल का विवेचन करते हुये अपने संबोधन में उपाध्याय श्री ने कहा हर जीव की तमन्ना होती है की मेरे साथ आगे पिछे हमेशा मंगल रहे। परमात्मा फरमाते है, ज्ञान श्रध्दा चरित्र संयम तप मंगल है। हम सिध्दी सफलता चाहते है, सिध्द बनने से पहले अरिहंत मंगल स्विकारना होगा। अरिहंत के अरी (दुश्मन) होते नही है। किसी के साथ बात शुरू करने का मेरा पहला संबोधन दुश्मनी को समाप्त करनेवाला होगा। प्रेम, आस्था व श्रध्दाभरी नजर को पाकर सामनेवाला व्यक्ती प्रसन्न होना चाहिए। दुसरा मंगल है – सिध्दा मंगलम। मेरी नजर हमेशा सफलता पर रहेगी। ”तिथ्थयरा ते पसियंतु, सिध्दा सिध्दी तव दिसंतु” प्रथम सुत्र है संषय नही केवल विश्वास। श्रध्दा से भगवान का जन्म होता है ओर वो रिश्ता मोक्ष तक साथ रहते है। तीर्थंकर की कृपा जहॉ बरसेगी वहॉं, व्यर्थ और अनर्थ होगा ही नही। तीसरा मंगल है साधु मंगल। किसी संप्रदाय का साधु नजर आये तो जैन का सिर झुके बगैर रहता नही। आपकी श्रध्दा और भक्ती ही है की जिनशासन के साधुको पंचम आरे में भी चतुर्थ आरे का अहसास होता है। जो परमात्मा से जुडता है और परमात्मा से जोडता है, वो साधु होता है। चौथा मंगल है केवली पण्णत्तो धम्मो मंगलम्। देश, दुनीया के इतीहास में जैन धर्म के नाम एक भी दंगा नही। क्योंकी हमारे धर्म में हिंसा की कोई संभावना नही। उपाध्याय श्री ने संघ को जैन विद्यालय बनाने की प्रेरणा दी। श्री संघ के अध्यक्ष शांतीलाल रामाणी ने उसे स्विकारते हुये कार्यकारणी के समक्ष प्रस्ताव रखने का आश्वासन दिया। श्री श्वेतांबर मुर्तीपूजक जैन संघ, नेल्लोर के तत्वावधान में आयोजित समारोह में चेन्नई, विजयवाडा, हैद्रराबाद, काकटूर, गुडूर, सुलुरपेठ, घुमरीमुंडी आदि आसपास के शहर से हजारों श्रावक उपस्थित रहे। चेन्नई से श्री ए. एम. के. एम. जैन ट्रस्ट के उपाध्यक्ष नवरतनमल चोरडिया, मोहनलाल चोरडिया, महामंत्री धर्मीचंद शिंगवी, महावीर सुराणा, संजय भन्साली, राजेंद्र मुथा, आनंदतीर्थ धर्म परिषद के श्रीमती कांता चोरडिया, हैद्राबाद से सज्जनराज धारीवाल आदि अनेक मान्यवर उपस्थित रहे। धमेंद्र पालरेचा परिवार नेल्लोर, द्वारा गौतम प्रसादी का आयोजन किया गया।