चेतना व कल्याण के लिए महामांगलिक आचार्य चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी का प्रवचन

चेतना व कल्याण के लिए महामांगलिक आचार्य चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी का प्रवचन

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मुंबई। श्री लब्धि विक्रमराज जैन तीर्थ, बलेश्वर (सूरत) गुजरात में बेसते महीने की महामांगलिक प्रदान करने के अवसर पर राष्ट्रसंत आचार्य चन्द्रानन सागरसूरीश्वरजी म.सा. ने महामांगलिक का महत्व बताते हुए कहा कि आज से लगभग ५० वर्ष पूर्व पूज्य दादा गुरुदेव गच्छाधिपति आचार्य दर्शनसागर सूरीश्वरजी म.सा. ने जिनशासन के महाप्रभाविक, मंगलदाई रिद्धि-सिद्धि दायक चमत्कारी महामंत्रों का संगह कर महामांगलिक की रचना की थी, जिसका मूल भाव भक्तों में नई चेतना भरना औ उनका कल्याण करना था। इसमें मुंबई के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्री नाकोडा दर्शन धाम के सेक्रेट्री दिनेश जे. शाह के अनुसार श्रीमद विजयलक्ष्मी सूरीश्वरजी म.सा. की पुण्यतिथि पर गुरुदेव ने भाव वंदना की। इस अवसर पर मुनि मननचंद्रसागर, मुनि हरिशचंद्रसागर, मुनि पुष्पचंद्रसागर एवं विदुषी, साध्वी कल्पिता, साध्वी चारूता, साध्वी आशिता, साध्वी रिशिता आदि का पावन सानिध्य रहा। विशिष्ट अतिथि के रुप में पूर्णेश मोदी (संसदीय सचिव, गुजरात सरकार) पंकज मोदी (उप निर्देशक, सूचना विभाग), सांसद प्रभुभाई वसावा आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। मुंबई के युवा संगीतकार निखिल सोनिगरा ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति की। समारोह में नयनाबेन चोकसी, सतीश चोकसी परिवार का मांगलिक ग्रुप, नाकोड़ा भैरव दर्शन भक्ति परिवार तथा लब्धिधाम ट्रस्ट मंडल द्वारा बहुमान किया गया, साथ ही राजू तातेड का भी सत्कार किया गया। मेहुल चोकसी ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।