जीरावला जैन मंदिर की प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर

जीरावला जैन मंदिर की प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर

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२८ जनवरी से महोत्सव का शुभारंभ, २ फरवरी २०१७ को होगी प्राण-प्रतिष्ठा, हजारों की संख्या में लोगों के आने की संभावना चारों तरफ जैसलमेर का पीला पत्थर और बीच में बन रहा है संगमरमर का धवल आभा वाला मंदिर

सिरोही। रेवदर के निकट स्थित जीरावला जैन तीर्थ का मुख्य प्रतिष्ठा समारोह २ फरवरी २०१७ को आयोजित हैं। इसके लिए इन दिनों तैयारियों जोर-शोर से की जा रही हैं। सिरोही जिले और जालोर जिले की सीमा को जोडऩे वाली सुंधा माता की पहाडिय़ों के मध्य जैसलमेर के पीले पत्थर से बन रहे विभिन्न प्रासादों व प्रतीक्षालयों, भोजनशाला के बीच संगमरमर की धवल आभा बिखेरते मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है। भगवान जीरावला पाश्र्वनाथ की प्रतिमा यहां विराजित की जाएगी जो पहले से यहां स्थित मंदिर में है। इसी मंदिर को नए सिरे से बनाया जा रहा है जिस पर आकर्षक कलाकारी की गई है।

जीरावला जैन तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष मोन्टेक्स समूह के चेयरमेन रमणभाई जैन तथा सचिव प्रकाश भाई संघवी ने शताब्दी गौरव संवाददाता को बताया कि मंदिर की प्रतिष्ठा को लेकर ६ जनवरी २०१७ को कुंकुंम पत्रिका के चढ़ावे व बोलियां होगी। इस मंदिर के निर्माण में कला का एक अनुठा संगम होगा क्योंकि यहां बांधनी राणकपुर शैली में होगी तो कोरणी देलवाड़ा व ऊंचाई तारंगा तीर्थ की तर्ज पर होगी। यहां की कुल ६० देहरियों में २०० भगवान व शुभ गणधर, गौतम स्वामी, मणिभद्र देव, पाश्र्वनाथ-पद्मावती देवी, ११ मंगलमूर्ति, २४ भगवान के माता आदि की प्रतिमाओं एवं नूतन शंखेश्वर पाश्र्वनाथ, महावीर स्वामी, आदेश्वर भगवान, २४ वर्ण वाले भगवान की अंजन शलाका व प्राण-प्रतिष्ठा होगी। जैन व संघवी ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां काफी समय से चल रही है। इसके लिए मंदिर परिसर में साधू-साध्वियों के विश्राम के लिए आवास स्थल बनाने के साथ ही बड़ी संख्या में कमरों वाली धर्मशालाएं बन कर लगभग तैयार हैं। इनके काम को अंतिम रुप दिया जा रहा है। समारोह में देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं के साथ ही गणमान्य लोगों के भाग लेने की संभावना है। बड़ी संख्या में जैनाचार्य, साधू-साध्वीवृंद यहां पहुंचेंगे।