बेंगलुरू में अभूतपूर्व इतिहास का सृजन, ८७ मुमुक्षुओं के अभिनंदन पर पलक...

बेंगलुरू में अभूतपूर्व इतिहास का सृजन, ८७ मुमुक्षुओं के अभिनंदन पर पलक पावड़ बिछाये

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बैंगलुरू। (देवकुमार के. जैन द्वारा) भारत भर के मुमुक्षुओं का अजोड़-बेजोड़-अनोखा-अद्वितीय अद्भुत मुमुक्षु अभिनंदन समारोह का आयोजन श्री आदिनाथ जैन श्वे. संघ एवं मुमुक्षु अभिनंदन समारोह समिति चेन्नई द्वारा फ्रीडम पार्क में भव्य एवं यादगार अभिनन्दन समारोह सम्पन हुआ। एक साथ ८७ मुमुक्षुओं को देखते के लिए जन सेलाब ने पलक पावडे बिछाए समस्त जैन संघों द्वारा ८७ दीक्षार्थीयों का गाजे-बाजे द्वारा सजाए गए विशाल मंच पर सभी मुमुक्षुओं को मंच पर विराजमान किया और सम्मानित किया गया। इस वैराग्य गर्भित संगीतमय एवं संयम संवेदना के कार्यक्रम में शहर के हजारों श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। संघ अध्यक्ष उत्तमचंद भंडारी ने सभी मुमुक्षुओं एवं उपस्थित जनों का स्वागत किया। संघ सचिव प्रकाश राठौड, सहसचिव गौतम सोलंकी, समिति के राजेश चन्दन ने भी अपने विचार रखे। मुंबई के जतीन बीड पाटी ने संगीतमय प्रस्तुतीयों में एक मनोरथ ऐवो छे… संयम मारे लेवो छे… महावीर मने तारो मार्ग प्यारो लागे… पंचाक्षव के परिहार पंचमहाव्रत धारियों नी जयकार… भजनों की प्रस्तुती दी। मुमुक्षु विराजभाई, विनितभाई और जशकुमार ने भी विचार रखे। संचालन मनोज राठौड ने किया। इससे पूर्व सुबह सत्र से श्री आदिनाथ जैन श्वे. मंदिर चिकपेट में ढोल नगाडो की थाप पर महाअभिषेक मुमुक्षुओं ने भाव विभोर होकर किया। जिनवाणी प्रवचन दौरान आचार्यो, पंन्यास एवं मुनि भगवंतों ने हित शिक्षा देते हुए कहा कि राग-द्वेष त्याग कर करुणा तथा मैत्री भाव रखे, संयम ही जीवन का सच्चा श्रृंगार बने आर्शीवाद दिया। श्री आदिनाथ जैन सर्वोत्तम सेवा मंडल, अर्हम ग्रुप और सरगम मंडल का आयोजन में अहम योगदान रहा।

 

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