संयुक्त परिवार के प्रणेता सादडी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी श्री जांवतराजजी रांका का...

संयुक्त परिवार के प्रणेता सादडी निवासी वरिष्ठ समाजसेवी श्री जांवतराजजी रांका का दु:खद निधन

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मुंबई। सादड़ी/ बोरीवली निवासी विमलोन ग्रुप के संस्थापक वरिष्ठ समाजसेवी, धर्मप्रेमी, मृदभाषी श्री जांवतराजजी नथमलजी रांका का गतदिनों मुंबई में निधन हो गया। वे ८० वर्ष के थे। वे अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड कर गये है। श्री रांका के अंतिम संस्कार में सैकड़ो लोगों ने भाग लिया। उनकी आत्म शांति हेतु सर्वोदय हॉल बोरीवली में आयोजित प्रार्थना सभा में में हजारों लोगों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजली अर्पित कर रांका परिवार को इस दु:खद घडी में आत्मसंबल प्रदान किया। उनके पुत्र वसंत रांका ने इस दु:खद घडी में ढाढ़स बंधाने हेतु सभी का आभार व्यक्त किया।

श्री रांका संयुक्त परिवार के प्रणेता थे। उन्होंने आजीवन परिवार को एकजूट बनाये रखा। श्री रांका का जन्म १९३७ में श्रीमान नथमलजी गुलाबचंदजी रांका परिवार में हुआ। खेलकुद में बिते बचपन से विद्यार्थी जीवन का प्रारंभ हुआ। उच्च विद्यालय में कॉमर्स का विषय न मिलने के कारण उन्होंने स्कूल छोड़ दिया और मुंबई आकर व्यवहारिक कॉमर्स क्षेत्र में प्रवेश हो गये। साधारण कारोबारी प्रवृतियों की शुरुआत करते हुये कडी मेहनत, साहसी प्रवृती एवं व्यवहार कुशलता से चांदी, सूरत में साडी उद्योग, विमलोन डाईंग एवं वी मिल्स तथा नमक उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

श्री रांका के नेतृत्व में छह भाईयोंका पुत्र पौत्र सहित विशाल संयुक्त परिवार आज की युग में परस्पर हिलमिल कर रहने का बिखरते कुटुंबों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है। पूज्य मातुश्री कंकुबाई से जो संस्कार और प्रेरणा इनको मिली वही उनके कार्यकलापों को संबल रहा। सरल हृदया धर्मपत्नि श्रीमती कांताबाई रांका प्रत्येक धार्मिक और सामाजिक कार्यों में छाया की तरह हाथ बटाती रही।

लोकप्रिय समाचार पत्र शताब्दी गौरव के सम्माननीय सदस्य श्री जांवतराजजी रांका श्री आत्म वल्लभ जैन सेवा मंडल सादडी (राणकपूर) की स्थापना की समय मंडल की संगीत मंडली में सामिल होकर संस्था के माध्यम से समाजसेवा राह पर कदम बढ़ाते हुए व्यवसायिक व्यस्तता के बावजूद जैन समाज की अनेक संस्थाओं में महत्वपूर्ण पद पर रहकर सदैव सक्रिय बने रहें। सादडी में मंडल की अविरल सदस्यता एवं कई महत्वपूर्ण कमेटीयों के सदस्य रहे। सेठ धर्मचंद दयाचंद पेढी के २५वर्षों से ट्रस्टी, श्री गोशाला बोकर शाला जीवदया पेढी के ट्रस्टी, श्री पावापुरी जैन मंदिर के ट्रस्टी, श्री आयंबिल खाता सादडी के संचालक, श्री आत्मानंद जैन विद्यालय के पूर्व अध्यक्ष, श्री वल्लभ स्मार दिल्ली के ट्रस्टी, श्री संभवनाथ जैन मंदिर जामली गल्ली, बोरीवली के अध्यक्ष एवं ट्रस्टी, राजस्थान जैन संघ बोरीवली के पूर्व अध्यक्ष, आत्मानंद जैन सभा एवं अखिल भारतीय जैन श्वेताम्बर कॉन्फोरेन्स जैसी अनेक संस्थाओं से जुट कर अपनी सेवाये प्रदान की।

श्री रांका जैन समाज की सैकड़ो संस्थाओं के उत्सवों, विशेष समारोहों, त्योहारों, आदि प्रसंगो पर मुक्त हार्थों से सहयोग देने में सदैव आगे रहे। विगत २३ वर्षो तक सादडी में चातुर्मास दरम्यान सपरिवार उपस्थित रहकर धर्माचरण कराने की व्यवस्था करने में अगवानी ली। सादडी एवं परशुराम महादेव के रांका रंग मंच, श्री वल्लभ अस्पताल बड़ौदा में आँखों के चिकित्सा कक्ष, परशुराम महादेव के मेले के अवसर पर नि:शुल्क भोजन व्यवस्था आदि अनेकों सुकृत्यों के उदाहरण है। १९७९ में सादड़ी में नई आबादी कांच मंदिर, पावापुरी जैन मंदिर, पावापुरी जैन मंदिर की प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रभु प्रतिमाजी बिराजमान कर, दोनों शिखरों पर अरम ध्वजा लहराई है।

शताब्दी गौरव परिवार ईश्वर से प्रार्थना करता है कि वे दिव्यात्मा को चिरशांति प्रदान करें एवं इस दु:खद घडी में रांका परिवार को आत्मसंबल प्रदान करे।