अणुव्रत आचार संहिता के द्वारा स्वस्थ भारत का होगा निर्माण संभव

अणुव्रत आचार संहिता के द्वारा स्वस्थ भारत का होगा निर्माण संभव

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मुंबई। आचार्य तुलसी के अणुव्रत संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य के साथ मुंबई के कालबादेवी इलाके में स्थित महाप्रज्ञ पब्लिक स्कूल के आचार्य तुलसी सभागृह में अणुव्रत महासमिति के तत्वावधान में अणुव्रत समिति मुंबई द्वारा आयोजित अणुव्रत संगोष्ठी का आयोजन अणुव्रत महासमिति के अध्यक्ष सुरेंद्र जैन की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर जैन श्वेताम्बर तेरापंथी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष किशनलाल डागलिया थे। दिनेश धाकड़, चंद्रप्रकाश बोहरा ने अणुव्रत गीत के संगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

अणुव्रत महासमिति अध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने कहा कि आचार्य तुलसी ने अणुव्रत आंदोलन को जिस उद्देश्य के साथ शुरू किया था हमारे आचार्य श्री महाश्रमण जी कहते है कि जो बल अणुव्रत को मिलना चाहिए वो अब भी नहीं मिल पा रहा है। महासभा अध्यक्ष किशनलाल डागलिया कहा कि अगर हमने अणुव्रत समिति के नियमों का सही मायने में पालन किया होता तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोट बंदी जैसे कानून को नहीं लागू करना पड़ता। जरुरत है अणुव्रत के सही मायनों में पालन करने का हम दूसरों से इसका पालन करवाने की चाहत रखते है पर खुद में नहीं उतारते है। यहाँ जरुरत है खुद से शुरू करने की तभी देश इसे अपनायेगा।

अणुव्रत समिति मुंबई अध्यक्ष गणपत डागलिया ने कहा कि मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूँ की मुझे आचार्य तुलसी के नए भारत निर्माण के अणुव्रत आंदोलन का हिस्सा बनने का मौका दिया। हमने भी अणुव्रत के कार्यो को पुरजोर से लोगो के सामने लेकर गए। लोगों का भी काफी प्रतिसाद मिल रहा है। अणुव्रत समिति मुम्बई के मंत्री राजेंद्र मुणोत कहा कि मेरा जीवन धन्य हो गया अणुव्रत समिति मुंबई के साथ जुडक़र मैं इसके लिए अणुव्रत समिति मुंबई के अध्यक्ष गणपत डागलिया के प्रति आभार प्रकट करता हूँ जिन्होंने मुझे इस काबिल समझा। साथ ही कार्यक्रम में आये पदाधिकारियों एवं श्रावक समाज के सामने डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से अणुव्रत समिति मुंबई द्वारा किये गए और किये जाने वाले कार्यक्रमों को रखा।

महेश बाफना ने मंच का संचालन करते हुए सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि अणुव्रत समिति मुंबई का स्वर्णिम इतिहास रहा है। आचार्य तुलसी के संदेशों को हम जन जन तक पहुचाने की कोशिश कर रहे हैं। जगदीश उमरिया, सहमंत्री रमेश बंसल, कन्हैयालाल चिपड, महामंत्री अरुण संचेती आदि ने अपने विचार रखें। आभार ज्ञापन लतिका डागलिया ने सभी के प्रति किया।