श्री पार्श्व – सुशील तीर्थ धाम में हुआ उपधान – तप का...

श्री पार्श्व – सुशील तीर्थ धाम में हुआ उपधान – तप का मंगल प्रवेश

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बेंगलुरु। श्री सीमंधर-शांति सूरी जैन ट्रस्ट एवं श्री उपधान तप आराधक समिति के तत्त्वावधान में लब्धिधारी प.पू. आचार्य भगवंत श्री विजय दक्ष सूरीश्वरजी म.सा. के पद्मलंकार समकित सम्राट प.पू. आचार्य श्री विजय प्रभाकर सूरीश्वरजी म.सा. एवं पू.सा. श्री कल्पपूर्णाश्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में श्री पाश्र्व सुशील तीर्थ धाम में पंचमंगल महाश्रुत स्कंध श्री उपधान तप की भव्य आराधना का प्रवेश कार्यक्रम भव्यता के साथ सुसंपन्न हुआ।  उपधान तप यानि ४७ दिन तक साधू जीवन के मुताबिक आराधना भुवन रहना। एक दिन उपवास – एन दिन टाईम भोजन करना और पूरे दिन धार्मिक क्रिया करके आत्मा को धर्म से पुष्ठ करने का तप होता है। बेंगलोर एवं अन्य नगरों से उपधान तप की आराधना करने भाविकों यहां पधारे है। उपधान तप के लिए सुशील धाम एक सर्वश्रेष्ठ साधना स्थल है। निर्दोष भूमि – स्वच्छ वातावरण एवं अतिभव्य देवविमान से अधिक भव्यतापूर्ण श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ भगवान का सुंदर जिनालय भी है। उपधान तप समिति के मुख्य लाभार्थी श्रीमान नरेशभाई प्रेमचंदजी बंबोरी एवं श्रीमान देविचंदजी भवरलालजी बोहरा एवं सह लाभार्थी परिवार उपधान तप के आराधकों की सेवा भक्ति के लिए सदा उत्सुक है। उपधान तप का दूसरा मंगल प्रवेश हो गया है।