घटना को गलत तरीके से पेश किया गया – आचार्य विमल सागर...

घटना को गलत तरीके से पेश किया गया – आचार्य विमल सागर सूरीश्वरजी म.सा.

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सूरत। प्रवचनकार आ. विमलसागर सूरीश्वर म.सा. ने धर्म सभा में दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कि हैदराबाद में जैन कन्या की ६८ उपवास के पारणा के १ दिन बाद हार्ट अटैक से मृत्यु हुई थी। इस घटना को जिस तरह से समाज के सामने रखी गई है वह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। यह जैन धर्म को बदनाम करने का षड्यंत्र है। जैन धर्म की उत्पत्ति प्राचिन साधना पद्धति के बारे में किसी को भी नकारात्मक लिखना या बोलने का अधिकार नहीं है। ऐसी हरकतों से समाज में वर्ग भेद और दुर्भावना बढ़ेगी। भटार रोड क्षेत्र के बुद्धि वीर वाटिका में श्रावकों को संबोधित करते हुए जैन आचार्य ने कहा कि जैन परंपरा में हजारों वर्षों से ६ से ८ वर्ष के छोटे बच्चों से लगातार ९० से ९५ वर्ष के वृद्धों में अधिक उपवास की साधना होती है और वह करते भी हैं। मरने के लिए कोई उपवास नहीं करता, किसी को मारने के लिए भी उपवास नहीं होती।