सूरत में आचार्य श्री विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. का भव्य चातुर्मास प्रवेश

सूरत में आचार्य श्री विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. का भव्य चातुर्मास प्रवेश

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सूरत। आचार्य श्री विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. एवं मुनि पद्मविमल सागर म.सा. के चातुर्मास प्रवेश वेला पर श्रद्धा का सैलाब उमड पड़ा। कल्याण मित्र जैन परिवार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में सुबह ८.०० बजे शोभायात्रा निकाली गई। भटार के मेघरथ अपार्टमेंट से शुरु हुई यात्रा उमा भवन, कैनाल रोड होकर आशीर्वाद पैलेस गेट नं. ३ के सामने बुद्धि-वीर वाटिका पहुंचकर धर्मसभा में परिवर्तित हो गई। इससे पहले यात्रा में बैंड – बाजे पर गुंजती भक्तिधुन पर नाचते-गात युवकों के अलवा गुरु भगवंतों के साथ श्रावकों का हुजूम साथ में रहा। वहीं, महिलाएं सिर पर मंगलकलश लेकर बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल रही। यात्रा का जगह-जगह गहुंली से संतों का स्वागत किया। इस दौरान भटार क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा दिखा। बाद में आयोजित धर्मसभा की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन व मंगलाचरण से की गई। इस मौके पर गायक नरेंद्र वाणीगोता ने हर जन्म में गुरु तेरा साथ चाहिए…, दीवड़ा प्रगटावों आज, साथिया पूरावो आज…, गुरुजी जन्मया हिरयुर नगरी… आदि भजनों की प्रस्तुति दी। चातुर्मास प्रवेश के लाभार्थी सिरोही निवासी जयपाल जयंतिलालजी शाह परिवार (जे. जे. शाह, सूरत) थे।

इस दौरान पंडाल जयकारों से गंूजता रहा। बाद में प्रवचन में आचार्य विमलसागर सूरीश्वरजी म.सा. ने बताया कि मनुष्य जाति ने आज तक जो भी काम किया है वह बुलंद इरादों के साथ किया है। दृढ़ इच्छाशक्ति व संकल्प से इंसान बुलंदियों को छू सकता है। भीतर की चेतना को जागृत कर आगे बढऩा चाहिए। व्यक्ति को गृहस्थ के बाद धर्म व समाज के लिए भी समर्पित होना चाहिए। प्रवचन के दौरान सूरत के अलावा मुंबई, पुणे, अहमदाबाद, सिवाना, भिवंडी आदि से भी श्रद्धालु मौजूद थे। वहीं, भांडुप जैन संघ व भायंदर के विधायक नरेन्द्र मेहता ने संतवंृद से आगामी चातुर्मास की विनती भी की। वर्षावास प्रवेश के दौरान देश के विभिन्न भागों से १६०० से अधिक गुरुभक्तों के साथ करीबन ५००० से अधिक श्रद्धालुओं ने उपस्थित रहकर गुरुभक्ति का परिचय दिया।