मुंडारा में पंन्यास प्रवर श्री चिदानंदविजयजी म.सा. का भव्य चार्तुमास प्रवेश

मुंडारा में पंन्यास प्रवर श्री चिदानंदविजयजी म.सा. का भव्य चार्तुमास प्रवेश

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मुंडारा। श्रीशांतिनाथ श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ मुंडारा के तत्वावधान में बस स्टैंड स्थित आदिनाथ भगवान मंदिर से पंन्यास प्रवर श्री चिदानंद विजयजी म.सा., मुनि लक्ष्मीचंद विजयजी म.सा. के साथ साध्वी हर्षित प्रज्ञा श्रीजी, रक्षित प्रज्ञा श्रीजी, चैतन्य प्रज्ञा श्रीजी, अर्हप्रज्ञा श्रीजी करुणा दृष्टि श्रीजी आदि ठाणा 7 का शोभायात्रा के साथ ग्राम में चातुर्मासिक प्रवेश हुआ। शोभायात्रा आदिनाथ मंदिर से शुरू होकर पारसनाथ मंदिर, शांतिनाथ मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में ऊंट, हाथी, घोड़ा आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा के बाद साधु भगवंतों ने मांगलिक सुनाया। इस मौके पर पंच कल्याणक पूजा का भी आयोजन किया गया। नगर प्रवेश को लेकर रोशनी, मंडप एवं तोरण प्रवेश द्वारों से सजाया गया। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष केशरीमल फागणिया, विमलचंद मेहता, रमेशकुमार राठौड़, घेवरचंद कोठारी, शांतिलाल सोनीगरा, कमलेश शाह, भूपेंद्र बोराणा, विमलचंद मेहता, रमेश राणावत अगरचंद गुंगलिया, जेठमल परमार, किशोर मंडलेशा, प्रवीण मेहता, संजय मेहता, प्रकाश मंडलेशा, विमल मंडलेशा, महेश सोनीगरा सहित गांव के आदरणीय नागरिक मौजूद थे। खुडाला जैन संघ के अध्यक्ष इंदरचंद राणावत, आत्मवल्लभ साधना केंद्र जैतपूरा के अध्यक्ष घीसुलाल सुराणा बालराई, बाली जैन संघ के अध्यक्ष बाबूभाई मंडलेशा, आत्मवल्लभ सेवा मंडल के अध्यक्ष पारसभाई बेडावाला ने दिप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गुरुदेव को कांमली बोहराने का लाभ धाकुबेन वनेचंदजी मेहता परिवार के गणपतराज मेहता ने लेकर गुरुदेव को कांमली बोहरायी। कार्यक्रम में शताब्दी गौरव के प्रधान संपादक सिद्धराज लोढ़ा, सुकनराज परमार, मोहनलाल मंडलेचा एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये हुये गुरुभक्त उपस्थित थे। धर्मसभा का संचालन संगीतकार अशोक गेमावत ने ओजस्वी अंदाज में कर समा बांध लिया। कार्यक्रम में करीबन १५०० से अधिक गुरुभक्त उपस्थित थे।

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