राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. द्वारा प्रदत महामांगलिक में उमडे गुरुभक्त

राष्ट्रसंत आचार्य श्री चन्द्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. द्वारा प्रदत महामांगलिक में उमडे गुरुभक्त

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मुंबई। भांडुप के मेवाड़ केसरी भवन में मेवाड़ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ मुंबई के तत्वावधान में आयोजित आचार्य चंद्राननसागर सूरीश्वरजी म.सा. द्वारा प्रदत्त महामांगलिक कार्यक्रम में म.सा. ने देवी देवताओं को आमंत्रित करते हुए जैन संस्कृति पर आधारित व मंत्रों से पुष्ट महामांगलिक का पाठ सुनाते हुए जनसमुदाय को अध्यात्म में डुबो दिया। कार्यक्रम में लाभार्थी परिवारों के सदस्यों सहित नाकोड़ा ट्रस्ट मंडल के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया। मांगीलाल जैन, चंदनमल सिंघवी ने विचार रखे निखिल सोनीगरा, त्रिलोक भोजंग ने गीतों को सुना कर माहौल को भक्ति मय कर दिया। इस अवसर पर मुनि हरिचंद्रसागर म.सा. पुष्पचंद सागर म.सा., मनन चंद सागर म.सा. आदि ठाणा चार उपस्थित थे।

Chandranan sagarji1संतो के बताएं मार्ग पर चलकर देखो

आचार्य चंद्राननसागर म.सा. ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि संसार में रह रहे सभी प्राणी जीवन भर शांति की खोज करते रहते हैं, मगर इस खोज के सही मार्ग पर नहीं चलते हैं, जिसका परिणाम है कि आज पूरे विश्व में अशांति का माहौल है। म.सा. ने कहा कि आप संतों द्वारा लिखलाए गये धर्म के मार्ग पर चलकर देखो ताज ओर बादशाहत तो क्या खुदा की खुदाई भी मिल सकती है। जिन्दगी की इसी भागमभाग में कब शाम हो जाएगी पता ही नहीं चलेगा। म.सा. ने मोहन पामेचा, चतरलाल लोढ़ा को कहा कि समाज सेवा में आगे बढ़ कर आप लोग मुंबई में जैन समाज के लिए कॉलेज की आधारशिला का काम शुरु करो।