श्री ओसवाल जैन संघ कोसेलाव के शांतिनाथ दादा और आदिनाथ दादा की...

श्री ओसवाल जैन संघ कोसेलाव के शांतिनाथ दादा और आदिनाथ दादा की ध्वजा बड़े ही हर्षोल्हास के साथ संपन्न

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कोसेलाव। श्री ओसवाल जैन संघ कोसेलाव के शांतिनाथजी मंदिर और आदिनाथजी मंदिर की 33वी वर्षगाठ और 34वी ध्वजा प. पू. गुरुदेव मुनि श्री विश्वोदय कीर्ति सागरजी (ङ्क.्य.) म.सा. की निश्रा में बड़े ही हर्षोल्हास के साथ में संपन हुई। इस अवसर पर गाँव का पूरा ट्रस्ट मंडल मौजूद था। ध्वजा के एक दिन पहले भव्य भक्ति का कार्यक्रम संगीतकार पुखराज सेन और भरत एन. कोठारी द्वारा प्रस्तुत किया गया। रात्रि भव्य गवली और दीपक की रोशनी की गई। उसके बाद सामूहिक आरती उतारी गई। ध्वजा के दिन गाँव में पधारे तमाम सदस्य बेंड बाजे के साथ नाचते गाते मंदिरजी में लाभार्थी परिवार के साथ ध्वजा चढाने पहुँचे।

गुरुदेव ने पूरी ध्वजा की विधि समझाई और उसके बाद गुरुदेव का प्रवचन हुआ।जिसमे उन्होंने पूरी ध्वजा के बारे में जानकारी दी की ध्वजा क्यों चढ़ाई जाती है? ध्वजा चढाने से जीवन में क्या प्रगति होती है।साथ ही दूसरे विषयो पर भी प्रकाश डाला। इस ध्वजा के अवसर पर पूना से लगभग 150 सदस्य पधारे, साथ ही श्री ओसवाल जैन संघ कोसेलाव  के अध्यक्ष बाबुलाल डी. कोठारी, उपाध्यक्ष मोहन एम. पुनमिया, सचिव दिलीप एस. मेहता, सहसचिव बाबुलाल के. कोठारी, कोषाध्यक्ष महेंद्र एस. ललवाणी, सह-कोषाध्यक्ष कांतिलाल बी. पुनमिया, ट्रस्टी चंदनमल जी. कोठारी, शांतिलाल कोठारी, प्रकाश एफ. कोठारी, अशोक आर. कोठारी, भरत एन. कोठारी, सलाहकार ललित मणिलाल ललवाणी, नितिन वी. कोठारी के साथ श्री ओसवाल सोशियल ग्रुप के अध्यक्ष फतेचंद तलेसरा, उपाध्यक्ष अशोक कोठारी, सचिव भरत कोठारी, सहसचिव मुकेश ललवाणी, कोषाध्यक्ष मदन परमार, सहकोषाध्यक्ष धनपत मानावत, संघठन मंत्री संजय श्रीश्रीमाल के साथ गाँव के तमाम गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कुल मिलाकर ये ध्वजा का कार्यक्रम बहुत ही सुन्दर तरीके से संपन हुआ। जिसे आने वाले वर्षो तक याद रखा जाएगा।