सर्वोदय पाश्र्वनाथ देरासर मुलुंड का रजत जयंती महोत्सव धूमधाम से संपन्न

सर्वोदय पाश्र्वनाथ देरासर मुलुंड का रजत जयंती महोत्सव धूमधाम से संपन्न

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मुंबई। श्री सर्वोदय पाश्र्वनाथ चेरीटेबल ट्रस्ट जैन संघ द्वारा संचालित मुलुंड के सर्वोदय पाश्र्वनाथ जैन देरासर का रजत जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। लोकप्रिय राष्ट्रसंत आचार्य चंद्रानन सागर सूरीश्वर महाराज की पावन निश्रा में मुंलुंड के सर्वोदय नगर मंदिर प्रांगण में आयोजित इस नौ दिवसीय रजत जयंती महोत्सव में कुल करीब 30 हजार से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने भाग लेकर एक नया इतिहास कायम किया। जाने माने भवन निर्माता सुखराज नाहर एवं उनके सहयोगियों द्वारा सन 1991 में निर्मित इस भव्य एवं विशाल जैन देरासर को सन 2016 में 25 वर्ष पूरे हो गए हैं। इसी उपलक्ष्य में रजत जयंती महोत्सव के समापन समारोह पर आयोजित मंदिर के धर्म ध्वजारोहण अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य लोगों सहित राजनीति एवं व्यापार से जुड़े कई प्रमुख लोग भी विशेष रूप से उपस्थित थे। ध्वजारोहण अवसर पर सभी ने सुखराज नाहर एवं उनके परिवार को बNahar group-mulundधाई दी एवं धार्मिक कार्यों में उनके योगदान की सराहना की।

Nahar group-mulund1 मुलुंड में नाहुर रोड़ स्थित सर्वोदय नगर के आचार्य दर्शनसागर सूरीश्वर चौक पर बने सर्वोदय पाश्र्वनाथ जैन मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा 17 जून 1991 को संवत 2047 में जेठ सुद 6 को संपन्न हुई थी। सुखराज नाहर, पृथ्वीराज सेठ, संघवी मागीलाल मेहता, सोहिनीदेवी नाहर, पृथ्वीराज जैन एवं अजय नाहर आदि ट्रस्टीगणों द्वारा संचालित इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इस मंदिर के प्रांगण में किसी भी व्यक्ति का नाम नहीं लगा है। सुखराज नाहर इस बारे में कहते है कि धर्मस्थलों में किसी व्यक्ति के नाम का कोई महत्व नहीं होता, उस स्थान की गरिमा और उसका महत्व उसके व्यवस्थित संचालन से होता है। श्री नाहर ने कहा कि इसका सारा श्रेय यहां के निवासियों का है जो मिलजुल के कार्य कर रहे है। मुलुंड का यह मंदिर मुंबई भर के ही नहीं देश भर के मंदिरों के लिए एक मिसाल है, जहां किसी का भी व्यक्तिगत नाम नहीं है। 25 साल से  इसी परंपरा को निर्वहन किया जा रहा है। 25वीं सालगिरह पर आयोजित मंद्र के धर्म ध्वजारोहण अवसर पर पूर्व मंत्री राज के पुरोहित, विधायक सरदार तारासिंह, नवनिर्वाचित विधायक रवींद्र फाटक, चरणसिंह सप्रा, नगरसेवक मनोज कोटक, समाजसेवी सुभाषचंद्र रूणवाल, कनकराज लोढ़ा, प्रदीप राठौड़, पृथ्वीराज कोठारी, चंपालाल वर्धन, संजय डांगी, नयन भेदा, अशोक शाह, मनोहर कानूगो, घनश्याम मोदी, पवन जैन, जे.बी.जैन, शताब्दी गौरव के सिद्धराज लोढा, फूटरमल कोटवाला, अरविंद राठौड़, दिनेश शाह, विक्की ओसवाल, निरंजन परिहार, ललित राठौड़, भीनमाल जैन संघ के वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं सदस्य, जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनोइजेशन के कई पदाधिकारियों सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। जेठ सुद 6 को 10 जून की सुबह साढ़े 10 बजे राष्ट्रसंत आचार्य चंद्राननसागर सूरीश्वर महाराज को मुखारविंद से मंत्रोच्चार के साथ सर्वोदय पाश्र्वनाथ जैन देरासर का ध्वजारोहण संपन्न हुआ। सुखराज नाहर द्वारा निर्मित इस मंदिर की एक अन्य बड़ी विशेषता यह है कि इस मंदिर के प्रांगण में अब तक 18 से ज्यादा मुमुक्षुओं ने दीक्षा ग्रहण की एवं जब मंदिर से बाहर कदम रखा, तो वे साधुभेष में संयमपथ पर चल रहे थे। सर्वोदय नगर प्रांगण में त्रिशिखरीय देवविमान तुल्य त्रिशिखरीय जिनालय, दो मंजिला विशाल राजदर्शन उपाश्रय, पांच हजार फुट का बहुउपयोगी विशाल राजदर्शन सभागृह, बहनों के लिए अलग उपाश्रय एवं आयंबिल शाला आदि का निर्माण भी सुखराज नाहर एवं उनके साहयोगियों द्वारा करवाया गया है। ईशान्य मुंबई के इस सबसे बड़े जैन मंदिर के रजत जयंती महोत्सव के नौ दिन तक चले सभी  कार्यक्रमों में में कुल करीब 30 हजार से भी ज्यादा श्रद्धालुओं ने भाग लिया।