हार-जीत एक सिक्के के दो पहलू: भरत राठौड

हार-जीत एक सिक्के के दो पहलू: भरत राठौड

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रानी। खेलप्रेमी व समाजसेवी भरतकुमार राठौड़ ने कहा कि जीवन में शिक्षा के साथ खेल भी अग्रणी भूमिका निभाता है। खेल से शारीरिक व मानसिक का विकास होता है। खेल को खेल की भावना से खेलने से आपस में भाईचारा व पे्रम भाव बढ़ता है। वे पी.एस.क्रिकेट क्लब रानी के तत्वाधान में धर्मवीर मैदान में आयोजित स्व. वक्तावरमलजी राठौड़ की स्मृति में श्रीमती बदामीबाई वक्तावरमलजी राठौड द्वारा आयोजित ७ दिवसीय डे नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह के मुख्य अतिथि पद से बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि धर्मवीर मैदान में सभी प्रकार के खेलो को प्राथमिकता से खेला जाता है जिसमें क्रिकेट महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने खिलाडियों से कहा कि खेल में हार जीत एक ही पहलू के सिक्के होते है। खेल में हार होन पर खिलडियों को निराश नहीं होना चाहिए। जीत के लिए मेहनत करनी चाहिए। इस अवसर पर समारोह में विशेष अतिथि समाजसेवी अशोक तापडिया, दिनेश जैन, प्रवीण जैन, मोतीलाल राठौड, हरीश सुराणा, प्रवीण कोठारी, हीरालाल मेरावत, अमृत माली का माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया तथा विजेता टीम मारवाड़ी चिन्तामणि क्लब को २१,००० रु. नकद एवं उप विजेता टीम नाकोड़ा क्लब रानी को ११,००० रु नकद के साथ दोनों टीमों को ट्राफी देकर कार्यक्रम के समापन किया ।