जीणमाता मंदिर का षष्टम् स्थापना दिवस संपन्न

जीणमाता मंदिर का षष्टम् स्थापना दिवस संपन्न

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मुंबई। प्रवासी राजस्थानी समुदाय की कुलदेवी जीणमाता का एकमात्र भव्य मंदिर साई दर्शन मंदिर परिसर, एस.व्ही.रोड, मलाड पश्चिम में स्थित है। श्री जीणमाता प्रचार मण्डल, मुम्बई द्वारा मंदिर का षष्टम् स्थापना दिवस धूम-धाम से मनाया गया। अध्यक्ष व ट्रस्टी नरेन्द्र गुप्ता ने बताया कि प्रात:11 बजे माता क़े अभिषेक के साथ स्थापना दिवस के कार्यक्रर्मों की शुरुआत हुई। पंडितो द्वारा मंत्रोचार के साथ ट्रस्टियों से गंगाजल, नदियों के जल, नारियल पानी, शहद, घी इत्यादि से माताजी का विधि विधान से अभिषेक करवाया गया। मुख्य यजमान भारती नन्दलाल वर्मा द्वारा माताजी की पूजा अर्चना करके ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। मन्दिर परिसर का विशेष फूलों द्वारा श्रृंगार किया गया था। अखण्ड ज्योत, छप्पन भोग एवम् माता की अलौकिक झांकी के दर्शनों का भक्तो ने लाभ लिया। ट्रस्टी व महासचिव विजय डोकानियां ने जानकारी दी कि मंगला पुरोहित के नेतृत्व में मण्डल की महिला सदस्यों द्वारा संगीतमय मंगल पाठ की प्रस्तुति पर उपस्थित भक्तगण झूम उठे। चुनड़ी उत्सव मंगल पाठ का विशेष आकर्षण रहा। माताजी के दर्शन के लिए भक्तों की लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई थी। सुप्रिद्ध भजन गायक श्यामनाथ शर्मा भिवंडी द्वारा सुमधुर भजनों की अमृत वर्षा में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों ने गोता लगाया। समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने भी माता के दरबार में हाजिरी लगाई। प्रमुख रूप से अधिवक्ता अशोक सरावगी, गजेन्द्र भंडारी, उत्तम अग्रवाल, इन्द्रकुमार पाटोदिया, इंदरजीत गोयनका, सुभाष केडिया, नरेन्द्र खेतान, प्रदीप गर्ग, अरुण सांगानेरिया, ओम गोयंका इत्यादि उपस्तिथ थे। सभी लोगों द्वारा सुन्दर कार्यक्रम की सराहना की गई। ट्रस्टी नन्दू अग्रवाल, प्रवीण मुकीम, सांवल चन्द अग्रवाल, प्रमोद सांगानेरिया, रमेश चन्द अग्रवाल, मुकेश डोकानियां, सी.ए. विष्णु अग्रवाल, प्रकाशचंद अग्रवाल एवम् राजू अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। आरती एवम् महाप्रसाद के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।