जीएसटी पर निर्णय के बाद ही ऑक्ट्राय हटाने पर विचार: अजय मेहता

जीएसटी पर निर्णय के बाद ही ऑक्ट्राय हटाने पर विचार: अजय मेहता

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मुंबई। बीएमसी कमिश्नर अजय मेहता ने साफ कहा है कि जब तक केंद्र सरकार जीएसटी बिल संसद में पारित नहीं करा लेती तब तक बीएमसी ऑक्ट्राय हटाने के बारे में विचार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा है कि फिर भी कपड़े से ऑक्ट्राय हटाने पर बीएमसी गंभीरता से विचार करेगी। कपड़े से बीएमसी को ऑक्ट्राय के रूप में महज 2 करोड़ रुपये की कमाई होती है, जिसे हटाने की मांग कपड़ा व्यापारी सालों से करते आ रहे हैं। कालबादेवी स्थित भारत मर्चेंट चेंबर के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बीएमसी कमिश्नर ने कपड़ा व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। चेंबर के अध्यक्ष चंद्रकिशोर पोद्दार ने मुंबई से दूसरे राज्यों में पलायन करते कपड़ा व्यापारियों की समस्याएं रखीं। चेंबर के ट्रस्टी राजीव सिंगल ने कालबादेवी की बुनियादी सेवाएं मजबूत करने की मांग रखी, ताकि यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों को किसी तहर की परेशानी नहीं हो। टूटे-फूटे फुटपाथ और सडक़ को दुरुस्त करने की मांग की। शौचालय बनाने की मांग रखी गई। अन्य व्यापारियों ने गैरकानूनी पार्किंग, अवैध फेरीवालों को हटाने की मांग की। व्यापारियों की समस्याएं सनुने के बाद कमिश्नर अजय मेहता ने कहा कि बीएमसी के पास पैसे की कमी नहीं है। यहां पर बुनियादी सेवाएं मुहैया कराने के लिए बीएमसी तैयार है, बशर्ते यहां के लोग बीएमसी की मदद करें।

दरअसल, यह बहुत ही सकरा क्षेत्र है। इस क्षेत्र में काम करना आसान नहीं है फिर भी हमारे लोग यहां की सडक़ें, फुटपाथ सही करने में लगे हैं। यहां ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है। कमिश्नर ने यहां के लोगों को भरोसा दिलाया कि इस क्षेत्र की समस्याएं दूर करने में किसी तरह की कोई कमी नहीं रखेंगे।