समाजसेवी कनकराज लोढ़ा का अमृत महोत्सव आयोजन – शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद

समाजसेवी कनकराज लोढ़ा का अमृत महोत्सव आयोजन – शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद

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मुंबई। सेवा, समर्पण, त्याग और परोपकार के लिए गोड़वाड़ के जाने माने समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवन के 75 वर्षों की पूर्णाहुति पर विभिन्न प्रमुख सामाजिक संस्थाओं की ओर से उनका अमृत महोत्सव मनाया गया। गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ के प्रबंध ट्रस्टी कनक परमार एवं चंपालाल मेहता के संयोजन में संपन्न इस अमृत महोत्सव में मुंबई एवं मारवाड़ की करीब 150 से भी ज्यादा सामाजिक संस्थाओं की ओर से समाजसेवी कनकराज लोढ़ा का अभिनंनदन किया गया। राष्ट्रसंत आचार्य चंद्राननसागरसूरीश्वर महाराज एवं आचार्य कुलचंद्रसूरीश्वर महाराज की पावन निश्रा तथा विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में सांसद मेघराज जैन, विधायक नरेंद्र मेहता, भायंदर की महापौर गीता जैन, घाणेराव के ठाकुर शक्तिसिंह आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। अमृत महोत्सव के अवसर पर शताब्दी गौरव द्वारा समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवन पर एक विशेष ग्रंथ का प्रकाशन किया गया। दादर स्थित योगी सभागार में आयोजित अमृत महोत्सव समारोह में समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के 75 वर्षों के सफर पर कई विशेष कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। समारोह में करीब 1500 से भी ज्यादा लोगों ने भाग लेकर समाजसेवी कनकराज लोढ़ा द्वारा किए गए समाज हित के कार्यों की अनुमोदना की। अपने प्रति लोगों के अपार स्नेह एवं समाज द्वारा दिए गए शीर्ष सम्मान समारोह से गदगद समाजसेवी कनकराज लोढ़ा ने भीगी पलकों एवं रूंधे गले से सभी का आभार जताया। मारवाड़ एवं गोड़वाड़ के किसी भी समाजसेवी का ऐसा शानदार  सम्मान इससे पहले कभी नहीं हुआ। कनकराज लोढ़ा का यह भव्य अमृत महोत्सव आनेवाले कई सालों तक लोगों के दिलो दिमाग पर अंकित रहेगा।

संगीतमय पारिवारिक सम्मान: एक कर्मयोगी के रूप में जीवन पर्यंत समाज के लिए तत्पर रहनेवाले समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के परिवारजनों द्वारा अपने परिवार के मुखिया के लिए नृत्य एवं संगीत के जरिए कृतज्ञता प्रकट करने का आयोजन भी इस अमृत महोत्सव पर विशेष आकर्षण रहा। जिन लोगों को कभी, कहीं भी, किसी ने भी बिना काम के बात तक करने की फुरसत निकालते हुए नहीं देखा हो, उन लोगों को योगी सभागार के मंच पर नाचते देखना समारोह में आए हुए लोगों के लिए अपने आप में एक नया अनुभव रहा। अमृत महोत्सव में समाजसेवी कनकराज लोढ़ा की चार पीढिय़ों की उपस्थिति रही।

शताब्दी गौरव का गौरव ग्रंथ: जीवन के हर पल को समाज की सेवा के लिए समर्पित करनेवाले कनकराज लोढ़ा के जीवन के इस प्रमुख अवसर पर राजस्थानी प्रवासी समाज के सबसे प्रमुख समाचार पत्र शताब्दी गौरव के संपादक सिद्धराज लोढ़ा द्वारा एक विशेष गौरव ग्रंथ शताब्दी विभूषण – कनकराज लोढ़ा का प्रकाशन किया गया। अतिथि संपादक के रूप में निरंजन परिहार के सहयोग से प्रकाशित इस विशेष ग्रंथ का विमोचन अमृत महोत्सव के मंच पर सभी अतिथियों ने किया। सामग्री, छपाई, प्रकाशन आदि के हर लिहाज से उत्कृष्ट इस ग्रंथ में समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवनवृत्त के अलावा मरूधरा के करीब करीब सभी प्रमुख लोगों के उनके बारे में विचार प्रकाशित हैं। समारोह में आए हर व्यक्ति ने समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवन को आलोकित करनेवाले इस ग्रंथ के लिए शताब्दी गौरव के संपादक सिद्धराज लोढ़ा को बधाई दी। मंच पर विराजमान राष्ट्रसंत आचार्य चंद्राननसागरसूरीश्वर महाराज ने भी इस ग्रंथ की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।

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अभिनंदन के अवसर पर शेखावत की याद: अमृत महोत्सव के मौके पर समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के सम्मान समारोह में कई लोगों को भैरोसिंह शेखावत की याद भी आई। देश के उप राष्ट्रपति बनने के बाद भैरोंसिंह शेखावत पहली बार मुंबई आए थे। बिड़ला मातुश्री सभागार में शेखावत के अभिनंदन के लिए लोग सम्मान चिन्ह, माला, हार, शाल, आदि लेकर लंबी कतार में खड़े थे। करीब पांच सौ से भी ज्यादा लोग कतार में अपनी भारी का इंतजार कर रहे थे। समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के सम्मान के लिए भी लोग शेखावत के उस अभिनंनदन समारोह की तरह से खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। समाजसेवी कनकराज लोढ़ा ने अपने जीवन में कभी ऐसा सोचा भी नहीं होगा कि सारा समाज इस तरह से उन्हें इस तरह से सम्मानित करेगा।

आंखें नम हुईं और गला भर आया: अपने प्रति लोगों के स्नेह एवं सम्मान का मंजर देखकर समाजसेवी कनकराज लोढ़ा का मन भर आया। वे भावुक हो गए। पूरे समारोह के दौरान रह रह कर उनके भीतर के भाव चेहरे पर चुहलबाजी करते दिखे। कनकराज लोढ़ा अपने भावों को हर बार बहुत शिद्धत से संभालने में कामयाब रहे। लेकिन जब-जब मंच से उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रतनबेन लोढ़ा का जिक्र हुआ, वे अपनी आखों से मोती बनकर टपकते आंसूओं को रोकने में नाकाम रहे। अपने पति को नम आंखों को पोंछते देख श्रीमती रतनबेन भी भावुक हो रही थीं। समारोह समापन के पश्चात उनके ऑफिस में मुलाकात के दौरान कनकराज लोढ़ा ने एक बातचीत में बताया कि दरअसल, जीवन के हर सुख-दुख में श्रीमती रतनबेन का उन्हें हर पल पूरा सहयोग मिला है। हर बार रतनबेन ने उन्हें बहुत संभाला है और समाज की सेवा के लिए प्रेरित किया है। इसी कारण वे उन्हें मिल रहे सम्मान को देखकर स्वयं को भावुक होने से रोक नहीं पा रहे थे। पूरे समारोह के दौरान श्रीमती रतनबेन लोढ़ा अपने जीवन साथी कनकराज लोढ़ा के साथ मंच पर विराजमान रहीं।

परमार का अभिनंदन और युगराज का नाटक: अमृत महोत्सव की संकल्पना से लेकर आयोजन की सफलता तक हर काम में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले कनक परमार का इस अवसर पर योगी सभागार के मंच पर विशेष अभिनंदन किया गया। करीब तीन महीने से इस आयोजन के लिए जी तोड़ मेहनत करनेवाले कनक परमार को समारोह की सफलता के लिए सभी ने बधाई दी। अमृत महोत्सव के इस मौके पर समाजसेवी कनकराज लोढ़ा की सेवाओं का बखान करनेवाले मारवाड़ी नाटक को भी काफी सराहा गया। कवि युगराज जैन की एकल भूमिकावाले इस नाटक ने कनकराज लोढ़ा को घाणेराव से मिलने मुंबई आए एक ग्रामीण द्वारा उनके बारे में कही बातों को बखूबी पेश किया।

दुल्हन की तरह सजा था योगी सभागार: श्री गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ ट्रस्ट मंडल द्वारा आयोजित समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के अमृत महोत्सव समारोह के लिए योगी सभागार दुल्हन की तरह सजा था। सभागार के बाहर कनकराज लोढ़ा के जीवन के महत्वपूर्ण अवसरों एवं उनको मिले सम्मान के मौकों के बड़े बड़े होर्डिंग लगाए गए थे। एवं सभागार के भीतर राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, मुख्यमंत्रियों एवं मंत्रियों एवं देश के कई प्रमुख लोगों द्वारा विभिन्न अवसरों पर समाजसेवी कनकराज लोढ़ा को प्रदान किए गए सम्मान एवं उनके अभिनंदन की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इस प्रदर्शनी में समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं को प्रदर्शित किया गया है। सभागार के हॉल में कनकराज लोढ़ा की एक विशाल रंगोली भी बनाई गई थी। समारोह में आए सभी लोगों ने इस प्रदर्शनी व रंगोली को भी काफी सराहा।

गरिमामयी उपस्थिति की विशाल श्रंखला: बीते कई सालों में यह पहला आयोजन था, जिसमें गोड़वाड़-मारवाड़ का हर शख्स मौजूद था। श्री गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ के ट्रस्टी कनक परमार की कोशिशों से समारोह में उस हर व्यक्ति को पूरा सम्मान मिला, जिसका समाज में कोई वजूद है। घीसूलाल बदामिया, सुखराज नाहर, मोतीलाल ओसवाल, इंदरभाई राणावत, बीबी सिरोया, बख्तावर रांका, शैलेष लोढ़ा, प्रदिप राठौड़, पंकज राठौड, गौरव राठौड, पृथ्वीराज कोठारी, चुन्नीलाल चंदन, मगनलाल मेहता, पोपट सुंदेशा, रतनचंद ओसवाल, फतेहचंद राणावत, पारस संचेती, प्रकाश कानुंगो, मनोहर कानुंगो, बाबुलाल राठौड, नरेन्द्र कोठारी, राजन खीमावत, देवीदंच चौपड़ा, किशोर खाबिया, माणक महेता, माणक शाह, रमेश राणावत, जितेन्द्र पुनमिया, सुनिल जैन (ACP), खुबीलाल राठौड (CA), मोहनराज लोढ़ा, विनोद लोढ़ा, राजुभाई लोढ़ा, सोहनराज खजांची, कांतिलाल बाफना, मदनराज शाह, कांतिलाल कोठारी, उम्मेदमल पी. शाह, मदनलाल मुठलिया, डा. जीवराज शाह आदि सभी प्रमुख लोग इस समारोह में उपस्थित थे।

दिलों पर अंकित रहेगा अमृत महोत्सव: बीते कई सालों के इतिहास में झांके, तो ऐसा शानदार, इतना भव्य, जबरदस्त गरिमामयी और समाज के हर महत्वपूर्ण व्यक्ति की उपस्थिति वाला ऐसा अभिनंदन गोड़वाड़ – मारवाड़ के समाज में अब तक तो आयोजित नहीं हुआ। सेवा, समर्पण, त्याग और परोपकार की प्रतिमूर्ति कनकराज लोढ़ा के जीवन गौरव असवर पर आयोजित अमृत महोत्सव आनेवाले कई सालों तक लोगों को किसी चलचित्र की तरह अकसर याद आता रहेगा।

गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ की प्रमुख भूमिका: गोड़वाड़ के सबसे लोकप्रिय समाजसेवी कनकराज लोढ़ा के जीवन के 75 वर्ष पूर्ण होने पर उनकी सेवा, समर्पण, त्याग और परोपकार की अनुमोदना के लिए आयोजित अमृत महोत्सव के आयोजन में प्रतिष्ठित संस्था श्री गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्था के प्रबंध ट्रस्टी चंपालाल मेहता एवं कनक परमार की कोशिशों का परिणाम रहा कि यह आयोजन अप्रतिम रूप से सफल रहा। इन दोनों के साथ पन्नालाल राठौड़, बाबूलाल मंडलेशा, घीसूलाल सुराणा, राजेंद्र मरलेशा, सोहनलाल सोनीगरा, घीसूलाल मांडोत आदि ट्रस्टीगणों एवं विशेष आमंत्रित सदस्यों में इंदरभाई राणावत, बाबूलाल तलेसरा एवं अगरचंद जैन का भी पूरा सहयोग रहा। सत्कार मूर्ति श्री कनकराज लोढ़ा स्वयं भी भी इसके प्रबंध ट्रस्टी हैं। लोढ़ा ने इस समारोह में अपने सम्मान के प्रति कृतज्ञता जताते हुए गोड़वाड़ ओसवाल जैन संघ सहित उन सभी संस्थाओं का दिल से आभार जताया, जिनका इस आयोजन में सहयोग एवं भूमिका रही। लोढ़ा ने कहा कि समाज ने उन्हें इतना स्नेह दिया है, कि वे उसे कभी नहीं भुला सकते एवं इसका कर्ज उतारना उनके लिए इस जनम में संभव नहीं है।