भारत जैन महामंडल द्वारा २६१५वें महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पर भव्य आयोजन...

भारत जैन महामंडल द्वारा २६१५वें महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव पर भव्य आयोजन संपन्न

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मुंबई। समग्र जैन समाज की प्रतिनिधी एवं ११६ वर्ष पुरानी संस्था भारत जैन महामंडल के तत्वाधान में प.पू. आचार्य श्री कुशाग्रनंदीजी म.सा., प.पू. क्रांंतिदूत भट्टारक श्री अरिहंतऋषिजी, क्रांतिकारी मुनि श्री विनम्र सागरजी म.सा., मुनिश्री प्रो. महेन्द्रकुमारजी म.सा., श्रमणसंघीय प्रवर्तिनी डा. चंदनाजी, डा. अक्षयज्योतिजी म.सा., प.पू. महासती श्री वैभवश्रीजी आदि ठाणा की पावन निश्रा में योगी सभागृह दादर (पूर्व) में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस, स्वागत अध्यक्ष सुप्रसिद्ध समाजसेवी रुणवाल ग्रुप के चेयरमेन श्री सुभाषचन्द्र रुणवाल, विशिष्ठ अतिथि श्री बाबुलाल जैन, लोकप्रिय विधायक श्री राज के. पुरोहित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दिप प्रज्वलित से हुआ। स्वागत अध्यक्ष श्री सुभाषचन्द्र रुणवाल ने भगवान महावीर के सिद्धांतो को अपने जीवन में अपनाने का आव्हान किया। श्री रुणवाल ने उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में भारत के प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी के उपस्थित रहने का जिक्र करते हुए कहा कि २६०० वे जन्मोत्सव पर २६ जैन विभुतियों को सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि समाज ने उन्हें काफी कुछ दिया है। वे भी समाज के लिए कुछ करना चाहते है, ‘तेरा तुजको अर्पणÓ की भावना सदैव दिल में रहती है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके आग्रह को स्वीकार कर व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद भी वे नागपूर से यहा पधारे में उनका तहेदिल से अभिनंदन करता हंू।

विधायक राज के. पुरोहित में अपने संबोधन में कहा कि जैन धर्म ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति के विभिन्न पक्षों को बहुत प्रभावित किया है। दर्शन, कला, और साहित्य के क्षेत्र में जैन धर्म का महत्वपूर्ण योगदान है। जैन धर्म में वैज्ञानिक तर्कों के साथ अपने सिद्धान्तो को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। अहिंसा का सिद्धान्त जैन धर्म की मुख्य देन है।

मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान महावीर दुनिया के महानतम पर्यावरण ज्ञानी थे जैन धर्म की पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में बडी भूमिका है और राष्ट्र के आर्थिक विकास में जैन समाज का बड़ा योगदान है। वर्तमान समय में पूरी दुनिया ने अशांति, खौफ और हिंसा का मार्ग अख्तियार कर लिया है। दुनिया पर्यावरण की समस्याओं से जुझ रही है। इन तमाम आपदाओं का हल है, भगवान महावीर के विचार। उन्होंने कहा कि वे श्री रुणवालजी एवं राज के. पुरोहित के विशेष आग्रह पर यहा आए हैं। श्री रुणवालजी के मेरे बहुत गहरे संबंध है। उनके द्वारा किए गए सेवाकार्य सबके लिए प्रेरणा है।

आचार्य कुशाग्रनंदी म.सा. ने कहा कि पूरी दुनिया ‘वादÓ के चक्कर में पड़ी हुई प्रतित होती है। हर तरफ विवाद, आतंकवाद का बोलबाला है। ऐसे में महावीर के अहिंसावाद की महत्ता बढ़ जाती है। भट्टारक स्वामी अरिहंत ऋषि म.सा. ने कहा कि भगवान महावीर के विचारों को समझना सबसे बडी चुनौती है। हम सालों से महावीर जयंती मना रहे है। लेकिन कभी महावीर को समझ नहीं पाये। उनके बताये मार्ग पर चल नहीं पाये। साध्वी चंदनाजी ने कहा कि महावीर की प्राण प्रतिष्ठा करने में अरबों रुपए खर्च हो रहे हैं लेकिन उनके विचारों की बात करें तो कोई उन पर अमल नहीं करता है। यही हमारा दुर्भाग्य है। मुनि विनम्र सागरजी ने कहा कि महावीर शांति और अहिंसा के द्योतक थे। जिसे हमें अपनाने की बेहद जरुरत है। उन्होंने युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरुरत बताया। मुनि प्रो. महेन्द्रकुमारने कहा कि महावीर दुनिया के सबसे महानतम वैज्ञानिक हुये है। विज्ञान की समझ उनसे ज्यादा किसी को नहीं। महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेशकुमार एच. जैन (धाकड़) ने सुखाग्रस्त लातूर में पानी की व्यवस्था करने पर मुख्यमंत्री की प्रशंसा की। धाकड़ ने इसे अनुपम और महावीर का मार्ग बताया। युवा विभाग अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक बी.सी. जैन (भलावत) ने कार्यक्रम की सफलता में जुटे युवा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा की। उन्होंने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रीय महामंत्री बाबूलाल जैन (बाफना) ने महावीर का आध्यात्मिक शांति का प्रतीक बताते हुए उनके मार्ग का अनुसरण करने की अपील की। समारोह से महिला अध्यक्षा श्रीमती कुमुद कच्छारा एवं कोषाध्यक्ष सुरेश जैन ने भी अपने विचार प्रकट किये। कार्यक्रम में शताब्दी गौरव द्वारा प्रकाशित महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव विशेषांक का विमोचन मुख्यमंत्री एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा किया गया। राष्ट्रीय कवि श्री युगराज जैन ने अपनी ओजस्वी शैली से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। किया। संगीतकार अशोक गेमावत की प्रस्तुति शानदार रही। उन्होंने निराले अंदाज में मुख्यमंत्री श्री फडणवीस को सलामी दी। संचालन महामंडल के राष्ट्रीय महामंत्री बाबूलाल जैन (बाफना) एवं मंत्री मनोहर गोखरु ने किया।

कार्यक्रम के पश्चात प्रितिभोज का आयोजन श्री रमेशकुमारजी, नरेशकुमारजी, आदिवकुमारजी धाकड़ परिवार शिशोदा (मुंबई) परिवार की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में घनश्याम मोदी, के. सी. जैन, विनोद वडाला, किशोर खाबिया, सिद्धराज लोढ़ा, पारस गोलच्छा, नेमीचंद बोकडिया, अशोक मेहता, प्रशांत जवेरी, ख्यालीलाल तांतेड, गणत डागलिया, जगदीश उमरीया, विनोद कच्छारा, दिलीप परमार जवाहर बोकडिया सहित समाज के कई अग्रणी उपस्थित थे।