‘सशक्त नारी – सशक्त राष्ट्र – एक अनुकरणीय पहल

‘सशक्त नारी – सशक्त राष्ट्र – एक अनुकरणीय पहल

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नई दिल्ली। विश्व धर्म चेतना मंच – श्री ब्रह्मर्षि आश्रम तिरुपति के तत्वावधान में श्री ब्रह्मर्षि आश्रम की नारी शक्ति द्वारा गत दिनों फिक्की ऑडिटोरियम में ङ्खशद्वद्गठ्ठ श्वद्वश्चश2द्गह्म्द्वद्गठ्ठह्ल स्ह्वद्वद्वद्बह्ल २०१६ का वृहद् आयोजन किया गया। ‘सशक्त नारी – सशक्त राष्ट्र उद्देश्य के अन्तर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न कार्य क्षेत्रों की सशक्त एवं प्रबुद्ध नारियाँ, प्रमुख महिला संस्थाएँ एवं विभिन्न महिला पार्षदों ने अपनी सहभागिता दिखाई। महिलाओं से खचा-खच भरे ऑडिटोरियम की छटा देखते ही बनती थी। कार्यक्रम का शुभारम्भ विशिष्ट महिला शक्तियों द्वारा दीप-प्रज्जवलित कर के किया गया।

विश्व धर्म चेतना मंच की ग्लोबल वूमन चेयरपर्सन श्रीमती सरला बोथरा ने देश-विदेश से आए लोगों का गर्मजोशी से अभिनन्दन किया तथा सशक्त नारी-सशक्त राष्ट्र पर अपना विशेष वक्तव्य देते हुए कहा कि – विश्व का हर महापुरुष नारी की ममता से माँ के दिये संस्कारों से ही सम्पोषित होता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक बेटी के शिक्षित होने से दो परिवार शिक्षित होते हैं, परिवार से समाज एवं शिक्षित समाज से एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।

ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव के दिव्य सान्निध्य में हुए इस सम्मेलन में श्रीमती अनुराधा प्रसाद शुक्ला द्वारा संचालित टॉक-शो ने उपस्थित नारियों को सोचने एवं देखने का नया नजरिया प्रदान किया। इस टॉक-शो में सम्मिलित हुई हस्तियों में अनुराधा प्रसाद शुक्ला – न्यूज २४ चैनल ग्रुप, ज्योत्सना सूरी – ललित हॉस्पिटेलिटी ग्रुप, विमल मेहरा – प्रथम महिला पुलिस कमीश्नर, पिंकी आनन्द – अतिरिक्त पब्लिक प्रोसेक्यूटर सुप्रीम कोर्ट, गीता चन्दन – प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार, गोल्डी मल्हौत्रा – शिक्षाविद् एवं लेखिका, अरुणा मुकीम – लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता। इसमें सभी प्रबुद्ध नारियों ने अपने विचारों से उपस्थित लोगों को स्वयं को जानने एवं पहचानने का रास्ता दिखाया। इनके अलावा भावना गौड़, गुंजन मिश्रा, रश्मि चतुर्वेदी, प्रभा भण्डारी, इन्दु राठौर, सरिता रुईया आदि महिलाओं ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया।

दिल्ली इकाई की अध्यक्षा श्रीमती अनीता कथूरिया ने श्री गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता, आए हुए अतिथियों का आभार व अपनी पूरी टीम – विशेषत: सुमन गुप्ता, सुमन बोथरा, कंचन अग्रवाल, ममता शर्मा, सुनीता आर्य को सफल आयोजन के सहयोग हेतु साधुवाद दिया। अध्यक्षा ने विश्व धर्म चेतना मंच की ग्लोबल वूमन चेयरपर्सन श्रीमती सरला बोथरा को मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम की सुसफल योजना प्रदान करने पर उनका विशेष धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम के दौरान ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव के श्रीमुख से निकली वाणी को संकलित एवं प्रकाशित पुस्तक ‘ब्रह्म-सूत्र का भी विमोचन किया गया। श्रीमती पूजा भरतिया – महिला मंत्री – विश्व धर्म चेतना मंच, दिल्ली केन्द्र ने बताया कि ‘गुरु के मुख से निकले शब्द मंत्र के समान होते हैं, जिन्हें आत्मसात करने से जीवन की दिशा व दशा दोनों बदल जाती है।

ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव ने अपने उद्बोधन में कहा –

नारी सम्पूर्ण है, नारी में सभी शक्तियाँ है, नारी बहुआयामी है, नारी एक बीज को स्वयं में धारण कर इस सृष्टि का सृजन करती है। भारतीय संस्कृति में नारी का दर्जा सदैव मर्दों से ऊंचा दर्शाया गया है, जैसे सीता-राम, राधे-कृष्ण, गौरी – शंकर, लक्ष्मी-नारायण इत्यादि।

हमें सभी कुछ नारियों से ही तो मिलता है, नारी के बिना पुरुष अधूरा है।

नारी पूरी की पूरी प्रकृति है। इस सृष्टि की सृजनकर्ता है।

नारी भोग की या सेवा की वस्तु नहीं, नारी पूजा की देवी है।

सबको आर्शीर्वचन देते हुए श्री गुरुदेव ने कहा कि मैं तो स्वयं सभी नारियों को प्रणाम करता हँू, उनका स्थान मेरे चरणों में नहीं, मेरे हृदय में है। नारी मेरे लिए सर्वत्र पूजनीय है। गुरुदक्षिणा के रुप में श्री गुरुदेव ने सभी से यह प्रण मांगा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ावो अभियान के अन्तर्गत हर नारी नि:स्वार्थ भाव से एक जरुरतमंद कन्या को शिक्षा प्रदान करेगी। ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव ने नारी शक्ति को भविष्य के पन्नों में अंकित करते हुए विश्व धर्म चेतना मंच-श्री ब्रह्मर्षि आश्रम की नारी शक्ति को – ‘विश्व सिद्धेश्वरी नारी शक्ति का नाम प्रदान करते हुए २८ फरवरी २०१६ को एक ऐतिहासिक दिवस बना दिया। इस सम्मेलन के अंत में एक मुख्य घोषणा में ब्रह्मर्षि श्री गुरुदेव ने कहा कि यह संस्था उस गांव – कस्बे तक पहुंचेगी, जहां एक भी विद्यालय नहीं हैं, वहां की कन्याओं को शिक्षित करेगी तथा एक विद्यालय को गोद लेगी।