जवाई बांध / Jawai Bandh

जवाई बांध / Jawai Bandh

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राष्ट्रीय राजमार्ग क्र. १४ पर स्थित सुमरेपुर मंडी से ९ किमी. दूर, बीजापुर जाने वाली सडक पर एक प्राचीन नगर बसा है ‘एरणपुरा’ जिसकी वर्तमान में पहचान हैं। ‘जवाई बांध’

ई. सन् १८८५ के लगभग पश्चिम रेलवे की दिल्ली-अहमदाबाद रेलवे लाइन मार्ग का निर्माण हुआ और पास की सुमेरपुर मंडी से यह महत्वपूर्ण स्टेशन बना एरणपुरा। कालांतर में पाली जिले के सबसे महत्वपूर्ण व विशाल बांध का जवाई नदी पर निर्माण हुआ और नाम पड़ा जवाई बांध।

धीरे-धीरे स्टेशन का नाम भी बदल गया और नया नाम प्रसिद्ध हुआ – ‘जवाई बांध स्टेंशन’।  जवाई बांध एक छोटा सा गांव है, हालांकी इस गांव का इस डेम से कोइ जुड़ाव नहीं है यह एक संयोग मात्र है। महाराजा उमेद सिंह ने 1946 में इस बांध की नींव रखी थी जिसका काम 1957 में समाप्त हुआ। 11 साल के इस काम के दौरान देश में कई उतार चढ़ाव आए, जिसमें सबसे बड़ी घटना भारत-पाकिस्तान विभाजन थी। लगभग 2 करोड़ की लागत से बना यह बांध आज राजस्थान का सबसे बड़ा बांध है।  बांध में लगभग 7887.5 मेनक्राफ्ट पानी संरक्षण की क्षमता है। बांध लगभग 414.05 स्कवायर में फैला हुआ है साथ ही इसकी उंचाई जमीन से लगभग 18.67 मीटर उपर है। बांध के आस पास छोटे-छोटे पिकनीक स्पोट बनाए गए हैं।

मुनिसुव्रत स्वामी : खिवांदी निवासी, जो वर्तमान में यहां आकर बसे हैं, रामीणा गोत्रीय स्व सांकलचंदजी, पत्नी चुन्नीबाई पुत्र करमचंद ने स्टेशन के दूसरी तरफ जवाई बांध की तरफ जाने वाली सडक के पास अपने निजी बंगले के बाहर गुंबदबद्ध छोटे से गृह जिनमंदिर में वीर नि.सं. २५३१,. शाके १९२६, वि.सं. २०६१ के माघ वदि ५ को मंडवारीया (जावाल) के प्रतिष्ठोत्सव पर पू. आ. श्री अरविंदसूरिजी के हस्ते अंजनशलाका प्रतिष्ठा करवाकर, वि. सं. २०६१ के माघ शु. ५  (वसंत पंचमी), रविवार दि. १३ फरवरी २००५ को, मेवाड देशोद्धारक पू. आ. श्री हिमाचलसूरिजी शिष्य पंन्यास श्री विद्यानंद विजयगणि की पावन निश्रा में २० वें तीर्थंकर मूलनायक श्री मुनिसुव्रत स्वामी सह श्री नमिनाथजी, श्री शांतिनाथजी, श्री नाकोडा भैरूजी, श्री पद्मावती माता प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा संपन्न हुई।

मार्गदर्शन : नेशनल हाईवे न. १४ पर सुमेरपुर मंडी से ९ कि.मी. दूर जवाईबांध रेलवे स्टेशन हैं। शिवगंज शहर से ११ कि.मी. दूर जवाईबांध हेतु सरकारी व प्रायवेट बसें, टैक्सी , आटो की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

सुविधाएं : दूरदराज से आने वाले यात्रिकों हेतु स्टेशन के बाहर पुलिस चौकी की ठीक सामने धर्मशाला बनी हुई है, जिसके अंदर ही जैन मंदिर है। नीचे ६ कमरे १० x १० और ५ कमरे १० x १५ आकार के बने हैं। एक बड़ा हॉल १५ x १० आकार का और हॉल के साथ ४ कमरे, उपाश्रय हॉल के साथ कमरे, ऊपर एक हॉल और एक कमरा बना है। भोजनशाला एक एक हॉल के साथ भी ४ कमरे बने है। सुंदर भोजनशाला की व्यवस्था है।

पेढ़ी : श्री नमिनाथ आराधना गृह मंदिर

रेलवे स्टेशन रोड, पुलिस चौकी के सामने मु. पो. जवाई बांध – ३०६१२६, तह, सुमेरपुर, जिला-पाली, राजस्थान ०९८२९२५६८८१,