श्री जैन सेवा संघ मुंबई द्वारा प्रतिभाओ का सम्मान

श्री जैन सेवा संघ मुंबई द्वारा प्रतिभाओ का सम्मान

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मुंबई। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यो में प्रोत्साहन देने हेतु प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी अग्रणी संस्था श्री जैन सेवा संघ, मुंबई द्वारा वीर सावरकर हॉल, शिवाजी पार्क, दादर मुंबई में विभिन्न क्षेत्रो में कार्यरत जैन अग्रणी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एंव अतिथियों द्वारा दिप प्रज्ज्वलीत कर किया गया। मंगलाचरण श्रीमती मंजु गुलेच्छा, श्रीमती कुसुम छाजेड, श्रीमती रेशमा चौपडा ने किया। संस्था चेयरमेन शांतिलाल कवाड़ ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि श्री जैन सेवा संघ मुंबई के ८वें अभिनंदन समारोह में विभिन्न विभुतियों का जो सम्मान कर रहे हैं उसका एक ही ध्येय है कि समाज के लोग उन विभुतियों से सिखे कि वह समाज के प्रति अपने कर्तव्यो का निर्वाह करे और यह संदेश समाज तक पहुंचे। श्री कवाड़ ने कहा कि जो पीडि़त मानवता पर करते है उपकार, हम उन हाथों का करते है सत्कार। उन्होंने ज्वलंत विषय पर्यावरण पर चर्चा करते हुए अनेक उदाहरणों के साथ पर्यावरण की रक्षा करने का आव्हान किया। अभिनंदन पत्रों का वांचन युगराज जैन, अध्यक्ष पारसमल गोलेंछा, सिद्धराज लोढ़ा व अन्य सदस्यों ने किया। विरायतन की साध्वी आचार्यश्री चंदनाजी के अनपस्थिती में विरायतन की युवाचार्य श्री शुभमजी एवं साध्वी श्री विभाजी के मुख्य अतिथ्य एवं महासचिव उगमराज लुणावत के संयोजन में संपन्न हुए इस समारोह में मुख्य वक्ता ऑल इंडिया माइनोरिटी सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित गांधी (कोल्हापूर) एवं अतिथि विशेष श्रीमती गीता जैन (महापौर-मीरा भायंदर) थे। इस भव्य समारोह में जिन विभुतियों को ‘जैन सेवा रत्नÓ से सम्मानित किया गया उनमें आचार्य श्री चंदनाजी (संस्थापक विरायतन), डा. धर्मचंद जैन (संपादक जीनवाणी- जोधपुर), डा. श्रीमती संतोष जैन (प्रोफेसर कल्याण पी.जी. कॉलेज-भीलाई), शैलेष लोढा (फेमस टीवी सिरियल-तारक मेहता का उल्टा चश्मा) थे। की-नोट स्पीकर डा. ललित गांधी ने जैन समाज को अल्प संख्यक का दर्जा प्राप्त होने एवं उससे जैन समाज को क्या फायदा होगा इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की। मुख्य अतिथि विरायतन की युवाचार्य श्री शुभमजी ने श्री जैन सेवा संघ द्वारा किए जा रहे इस सम्मान समारोह को आदित्य बताते हुए आचार्य श्री चंदनाजी की ओर से शुभकामनाए दी। विशेष कर संस्था की चयन समिति को धन्यवाद दिया कि आपने सत्कार मूर्तियों का चयन बहुत ही सही किया है। सम्माननीय अतिथि श्रीमती गीता जैन ने मीरा-भायंदर में उनके द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि वे सदा जैन समाज के विकास के लिए तन-मन-धन से सहयोग देने को तत्पर रहेगी। समारोह को डा. धरमचंद जैन एवं डा. श्रीमती संतोष जैन ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने जैन समाज की एकता बनाए रखने का आव्हान किया। शैलेष लोढ़ा ने शेरो शायरी के साथ सदन का दिल जीत लिया। उन्हें सम्मानित करने के लिए संस्था का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम के सौजन्यकर्ता श्री नगराज कुंदनमलजी मेहता, सादडी-राणकपुर (मेहता फ्लेक्स प्रा. लि.) थे। समारोह का संचालन आनंद खतंग ने किया। आभार प्रकट महासचिव उमगराज लुणावत ने किया।

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कार्यक्रम में मोतीलाल ओसवाल, मगनलाल मेहता, रतनचंद के जैन, संजय पुनमिया, नेमीचंद बोकडिया, अजय जैन, मोहनराज लोढ़ा, पारसमल बोकडिया, चंपालाल मेहता, भरत सुराणा, सांकलचंद जैन, रवी बी. जैन, महावीर लोढ़ा, सोहनराज खजांची, खुबीलाल राठौड, शांतिलाल चंडालिया, अशोक मेहता, हस्तीमल कटारिया, शिखरचंद जैन, डा एम. एम. बेगानी, डा. एम. एल. सिंघी, डा. नट्टूभाई शाह, डा. कचेरिया, गौतम लुणावत, नरेनद्र मेहता, गौतम मेहता, दलीचंद भंडारी, एच. एम. जैन, शांतिलाल कोचर, श्रीमती सावित्री कोचर सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में उगमराज लुणावत, पारस गोलच्छा, मांगीलाल जैन, अशोक हुंडिया, विनित गांधी सहित संस्था के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।