बाली में केसरिया जैन अतिथि भवन का उद्घाटन संपन्न

बाली में केसरिया जैन अतिथि भवन का उद्घाटन संपन्न

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Bali Kesariya Jain Athithi Bhuvan
Bali Kesariya Jain Athithi Bhuvan

बाली। गोड़वाड़ के प्रमुख नगर बाली में पंचम मंच बाली द्वारा नवनिर्मित केसरिया जैन अतिथि भवन का उद्घाटन संपन्न हुआ। भवन नामकरण के लाभार्थी श्री मांगीलाल लक्ष्मीचंदजी परमार एवं श्री सोहनराज छोगमलजी राठौड़ परिवार के कर-कमलों द्वारा हजारों लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उद्घाटन निमित्त बाली के ओसवाल पोरवाल समाज के संयुक्त स्नेह मिलन समारोह का आयोजन किया गया था। त्रिदिवसीय समारोह के अंतिम दिन उद्घाटन समारोह था। ज्ञात हो कि पंचम मंच बाली ने बाली में पांच मंजिला सर्वसुविधा युक्त २२ कमरों के अतिथि भवन का निर्माण किया है, जिसका भूमिपूजन एवं खनन का लाभ बेंगलोर निवासी श्री भवरलाल अमीचंदजी श्रीश्रीमाल परिवार ने लिया था। उन्होंने हर्षोल्लासपूर्वक इसका भूमिपूजन एवं खनन किया था।

इनके साथ-साथ इस भवन में अनेक उदारदिल दानदाताओं ने लाभ लिया, जिनमें कमरों का लाभ श्रीमती कंचनबाई सोहनलालजी श्रीश्रीमाल, श्रीमती सुकनीबाई उमेदमलजी रांका, श्री मोहनराज पृथ्वीराजजी मांडोत, श्री बस्तीमल चुनीलालजी ढालावत, श्री ओटरमल गुलाबचंदजी खांटेड़, श्रीमती रमीलाबेन मिश्रीमलजी रांका, श्री अशोककुमार पुनमचंदजी पारेख, श्री पुखराज हजारीमलजी राठोड़, श्रीमती मंजुलाबेन रतनचंदजी चौपड़ा, श्री तेजराज छोगमलजी राठौड़, श्री संपतराज फुलचंदजी रांका, श्री पनेचंद अमीचंदजी श्रीश्रीमाल, श्रीमती अमरतीबाई रतनचंदजी चौहान, श्रीमती रतनबेन मोहनराजजी रांका, श्रीमती पिस्ताबेन रमेशकुमारजी पुनमिया, श्री बालचंद, श्री बाबुलाल शेषमलजी चौहान, श्रीमती देवीबाई संपतराजजी मेहता, श्रीमती जयवंतीबेन जयंतीलालजी पुनमिया, श्रीमती धाकोबाई वालचंदजी चौपड़ा, श्रीमती पवनबाई मोहनलालजी चौपड़ा, श्री भबूतमलजी, छगनलालजी जेठमलजी श्रीश्रीमाल, श्री विमलचंद नगराजजी मेहता ने लिया। प्याऊ का लाभ श्रीमती सुखीबाई शंकरलाजी श्रीश्रीमाल परिवार को प्राप्त हुआ।

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श्री ओसवाल श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जैन संघ के अध्यक्ष श्री बाबुलाल मंडलेशा एवं मंत्री श्री कान्ति यू. कितावत ने संस्था के कार्यों की प्रशंसा की तथा इस भगीरथ कार्य के लिए बधाई दी। आयोजित कवि सम्मेलन का हजारों लोगों ने आनंद लिया। उद्घाटन समारोह को सफल बनाने के लिए अशोक यू. रांका, बी.सी. जैन, विमल एम. रांका, सज्जन एम. रांका, नवीन राठोड़, राजेश राठोड़, प्रवीण राठोड़, देवेन्द्र खांटेड आदि का सराहनीय योगदान रहा।