सोनगढ से श्री शत्रुंजय महातीर्थ छ:रि पालक संघयात्रा १३ जनवरी से

सोनगढ से श्री शत्रुंजय महातीर्थ छ:रि पालक संघयात्रा १३ जनवरी से

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सोनगढ़। संसार सागर से पार उतरने के अनेक आलंबनो में से तीर्थयात्रा एक श्रेष्ठ आलंबन है। प्रभु की आज्ञापूर्वक छ:रि पालक युक्त ही तीर्थ यात्रा वास्तविक यात्रा है। ऐसी ही सोच का भाव रखने वाले झालों की मंदार निवासी धर्मप्रेमी श्रीमती चुन्नीबाई भेरूलालजी पामेचा एवं मातुश्री श्रीमती सोसरबाई छगनलालजी पामेचा परिवार द्वारा प.पू. आचार्य श्रीमद विजय रविशेखर सूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा में सोनगढ़ से शत्रुंजय महातीर्थ छ:रि पालक संघयात्रा का आयोजन १३ जनवरी से १८ जनवरी तक किया गया है। १३ जनवरी को मुंबई सेन्ट्रल से दुरन्तो एक्सप्रेस द्वारा संघ यात्रा का प्रस्थान होगा। उसके बाद शंखेश्वरजी, लब्धिधाम एवं अयोध्यापुरम के दर्शन करते हुए सोनगढ से १५ जनवरी को छ:रि पालक यात्रा शुरु होगी। इस यात्रा से हर रोज प्रतिक्रमण, भक्तामर, चैत्यवंदन, एकासना, प्रभुभक्ति भावना आयोजित होगी। यात्रा की वापसी १८ जनवरी को सोनगढ़ से भावनगर एक्सप्रेस द्वारा होगी। इस यात्रा को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए पामेचा परिवार के सभी सदस्य जोर शोर से जुटे हुए है। पामेचा परिवार के अनील पामेचा (स्काय चैन) ने हमारे संवाददाता को बताया कि हमारे परिवार की इच्छा थी की हमारे द्वारा शत्रुंजय की छ:रि पालक यात्रा आयोजित कि जाये। आदिनाथ दादा की कृपा से वो शुभ दिन आ गया। संघ यात्रा में हर रोज प्रभु की अंगरचना, गुरुदेव के प्रवचन, हाथी, घोडा, रथ, झांकिया, बैंड से पदयात्रा होगी। संगीतकार त्रिलोकनाथ भक्ति की रमझट जमायेंगे। संचालन शताब्दी गौरव के उप संपादक ललीत परमार द्वारा किया जायेगा।