लोढ़ा (ओसवाल) भाईपा संस्थान मुंबई का २६वां स्नेह मिलन समारोह भव्यता से...

लोढ़ा (ओसवाल) भाईपा संस्थान मुंबई का २६वां स्नेह मिलन समारोह भव्यता से संपन्न

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मुंबई। लोढ़ा (ओसवाल) भाईपा संस्थान-मुंबई को २६वां स्नेह सम्मेलन मातुश्री महिमावतीजी सतपालजी जैन अंबाला निवासी की प्रेरणा से श्री सुनीलजी जैन, परिवार के सौजन्य से भव्य रुप से विले पार्ले स्थित बाबुभाई जगजीवन हॉल में एतिहासिक रुप से संपन्न हुआ। श्री सुनीलजी लोढा की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस समारोह के मुख्य अतिथि डा. आर. सी. लोढ़ा भीलवाडा, मुंबई अतिथि विशेष विधायक श्री मंगलप्रभातजी लोढा आमंत्रित अतिथि श्री चंदजी लोढा, एवं स्वागत अध्यक्ष लोढ़ा रत्न श्री कनकराजजी लोढ़ा थे। श्री बड़माताजी को दीप प्रज्जवलीत कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संस्था अध्यक्ष एवं स्वागताध्यक्ष श्री कनकराजजी लोढ़ा ने सभी अतिथियों का शाल, श्रीफल, हार एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। आयोजक श्री सुनीलजी जैन उनकी धर्मपत्नी श्रीमती चंदाजी जैन, पुत्र प्रतिक, पुत्रवधु नेहा, पुत्री प्राची एवं भाई श्री प्रवीणजी का साफा, शाल, पुष्पहार, चुनरी एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। सभी वक्ताओं ने लोढा समाज के उत्थान के लिए तत्परता से सहयोग देने की बात कही, समारोह के मुख्य अतिथि आर. सी. लोढ़ा ने हिन्दी व अंग्रेजी में लोढा शब्द की परिभाषा को बताया। उन्होंने लोढा समाज के युवाओं से कहा कि वे मेरे पास कभी भी सहयोग हेतु आ सकते हैं। समारोह अध्यक्ष श्री सुनीलजी लोढ़ा ने बड़माताजी के बारे में कहा कि इस शब्द का अर्थ वटवृक्ष से जुड़ा हैं जो सबसे अधिक छाया, शीतलता एवं सहारा देनेवाला संजीवनी वृक्ष हैं। लोढ़ा बंधु भी समाज की संजीवनी बने। उन्होंने कहा कि ‘एक दिन भी जी, मगर अटल विश्वास बनकर जी, कल ना बन तु जिंदगी का, आज बन कर जी, मत बन पुजारी, स्वयं भगवान बनकर जी। उन्होंने २१वीं सदी और लोढा गौत्र के इतिहास की विस्तृत जानकारी दी। समारोह को अतिथि विशेष विधायक श्री मंगलप्रभातजी लोढ़ा ने कहा की २६ वां संम्मेलन पुर्व में हुए सभी सम्मेलनों से शानदार है जो फाईव स्टार में हुआ हैं।
अतिथि विशेष श्रीचंदजी लोढा ने भी संबोधित किया। समारोह का संचालन मंत्री लोढ़ा रत्न श्री महावीरजी लोढा ने करते हुए शेरो-शायरी व संबोधनों से सदन को मंत्र मुग्ध कर दिया। उन्होंने संस्था की स्थापना से अब तक हुए कार्यो की सटीक जानकारी देते हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया। समारोह में विशिष्ट कार्यो हेतु शताब्दी गौरव एवं वि-न्युज के प्रधान संपादक सिद्धराज लोढा को ‘लोढ़ा युवा रत्नÓ से संस्था अध्यक्ष श्री कनकराजजी लोढ़ा, मंत्री महावीरजी लोढ़ा, आयोजक श्री सुनीलजी जैन एवं श्री राजुभाई लोढ़ा द्वारा अभिनंदन पत्र, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संस्थान के कोषाध्यक्ष सुरेशजी लोढा को भी ‘लोढ़ा युवा रत्नÓ से सम्मानित किया गया। आयोजक श्री सुनीलजी जैन ने अपने संबोधन में बड़माताजी के चरणों में कोटी कोटी वंदन करते हुए कहा कि आज यहां बी.जे. हॉल में पधारे हुए लोढ़ा भाईपा के सभी सदस्यों का मैं पूरे दिल से स्वागत करता हँू। मुझे माता-पिता की इच्छा और सद्प्रेरणा से यह २६वां सम्मेलन करने का जो सौभाग्य मिला है इसका पूरा श्रेय श्री महावीरजी लोढ़ा और उनकी युवा टीम के सदस्यों को जाता है।
इनकी बदौलत में मुंबई के लोढा समाज में शामिल हो सका। १०-१२ साल पहले की बात है हमारे स्व. माताजी – पिताजी श्रीमती महिमावती और श्री सतपालजी जैन ने अपने परिवार की तरफ से भी ये सम्मेलन करने की इच्छा प्रकट की थी और तब मैंने महावीरजी से कहा की मुझे ये सम्मेलन करवाना है, तब मुझे पता चला की १० साल से ज्यादा की बुकिंग पहले से हो चुकी है और उस दिन से आज तक इस दिन का इंतजार करते हुए आज ये सम्मेलन हो रहा है। लेकिन आज मेरे माता-पिता स्वर्ग सिधार गए है, तो आज का ये सम्मेलन उनके स्मरणार्थ में उनको अर्पण कर रहा हूँ। उसी तरह आज इस सम्मेलन से उपस्थित सभी परिवार के सदस्यों, इष्ट मित्रों एवं शुभचिंतकों का भी मैं अपने परिवार की ओर से स्वागत करता हँू। हमारे परिवार की ओर से हर साल माता-पिता के स्मरणार्थ में पोस्ट ग्रेज्युएट बच्चों को उनके अच्छे अंक प्राप्त करने पर हम विशेष ट्राफी देकर उनका सम्मान करते है। आज आप लोग दूर-दूर से इस कार्यक्रम में आए और कार्यक्रम की शोभा बढाई इसके लिए मैं आपका फिर से तहे दिल से आभार व्यक्त करता हँू। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि श्री महावीरजी लोढ़ा कोने-कोने में छूपे हुए लोढ़ा रत्नों को खोजकर लाते हैं। मेरे प्रिय मित्र श्री सिद्धराजजी लोढ़ा कही से भी मेरा फोटो लाकर छाप देते हैं। कार्यक्रम में एस. एस. सी. के मेधावी छात्र को ११,००० रुपये नकद व ट्राफी संस्था अध्यक्ष लोढा रत्न श्री कनकराजजी लोढा की ओर से, सभी मेधावी छात्रों को लोढा युवा रत्न राजुशा लोढा की ओर से ५०० एवं १००० की नकद राशी, पोस्ट ग्रेज्युएट सभी छात्रो को सुनीलजी जैन की ओर से ट्राफी व सभी क्लास के छात्रों को उपाध्यक्ष लोढा रत्न श्री मोहनराजजी लोढ़ा की ओर से पुरस्कार दिए गए। अंत में माताजी की आरती के साथ समारोह संपन्न हुआ। शानदार भोजन की व्यवस्था रखी गई थी। जिसका सभी सदस्यों ने लुफ्त उठाया। आयोजक परिवार की ओर से सभी को बेंग भेंट स्वरुप दिया गया।
अगले सम्मेलन में फिर मिलेंगे कहते हुए सब ने विदाई ली। कार्यक्रम को सफल बनाने में लोढा युवा रत्न श्री विनोद लोढ़ा, श्री दिलीप लोढ़ा, श्री घेवर लोढ़ा, श्री नरेश लोढ़ा, श्री मनीष लोढ़ा, श्री कल्पेश लोढ़ा सहित सभी युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में क्रिकेट टुर्नामेंट श्री नरेश लोढा के संयोजन में करने की घोषणा की। क्रिकेट टुर्नामेंट हेतु संस्था अध्यक्ष श्री कनकराजजी लोढा ने १ लाख रुपए की राशी देने की घोषणा की। समारोह में पधारे श्री सुनील जैन के परम मित्र जस्टमेन के डायरेेक्टर श्री राजुजी छेड़ा ने ५१ हजार रूपए, श्री दलीचंदजी लोढ़ा ने २५ हजार रुपए, श्री सुरेशजी लोढ़ा (कडीकर ब्रदर्स) ने २५ हजार रुपए एवं आयोजक श्री सुनीलजी जैन ने ११ हजार रूपए, की राशी देने की घोषणा की।
लोढ़ा प्रिमियर लीग क्रिकेट टुर्नामेंट संबंधित जानकारी के लिए कल्पेश घेवरचंदजी लोढा, मलाड – ९९६७९६५५१७, मनिष महावीरजी लोढा, दादर – ९८१९६६२७९२, कुणाल सुरेशजी लोढ़ा, दादर – ९९३००३६०१० एवं अंकित भारमलजी लोढ़ा, दादर – ९८१९०५५०४० पर संपर्क कर सकते हैं।