श्रीमती हंजाबाई गौशाला केन्द्र बेड़ा द्वारा २८६वां शिविर सम्पन्न

श्रीमती हंजाबाई गौशाला केन्द्र बेड़ा द्वारा २८६वां शिविर सम्पन्न

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पाथेड़ी। परम पूज्य गुरुदेव राजेन्द्र सूरीश्वरजी म.सा. के आर्शिवाद से गांव पाँथेडी में नि:शुल्क पशु-पक्षी शल्य चिकित्सा शिविर संपन्न हुआ। शिविर में दान दाता परिवार पारसमल हुकमजी गणेशमलजी मुलतानमल एवं पुत्र भंवरलाल, दिलीप परिवार के साथ बडी संख्या में पधारे सायला तहसिल के तहसीलदार एवं गांव के सरपंच सुमेरमल शिविर में पधारे भगवान का दिप प्रज्ज्वलीत किया गया गौमाता की पुजा अर्चना की गई एवं अभिनंदन पत्र संस्था द्वारा दान-दाता को भेंट किया। संस्था के अध्यक्ष हस्तीमल जैन एवं इन्दरमलजी अतिथी को सम्मान साफा और माला से किया गया।

गौशाला के अध्यक्ष हस्तीमल जैन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मुक प्राणीयों की सेवा के लिए किये गये दान-पुण्य से सुख की प्राप्ति होती है। गौमाता अपने बच्चों का दुध छिनकर हमारे बच्चों का निवारा करती है। गाय को गौमाता कहने वाले हिन्दु समाज स्वार्थ का संगी बन गया है। जब गाय दुध छोड देती है। तो उसे तिलक लगाकर भगवान के भरोसे छोड देते है। और वह गोमाता घुमते-घुमते कत्ल खाने के द्वार पहुचती है। गौमाता का आर्शिवाद उनकी आत्मा की आवाज है भगवान ने जीओ और जीने दो का सन्देश दिया। जैन धर्म का मुल पाया ही जीवदया के उपर टीा हुआ है। इस समय जैन समाज के काफी लोग शिविर में पधारे थे। सभी ने अपना-अपना मत व्यक्त किया। श्रीमान सरपंच एवं तहसीलदार ने जैन समाज को मानव सेवा एवं पशु सेवा अग्रणी बताया। गांवों में स्कुल, कॉलेज, पानी की प्याऊ, अस्पताल, आदि के कार्यो में जैन समाज अग्रणी रहा है। बडे-बडे शहरों में रहते है। मातृभुमि के कार्य करवाते रहते है। इस शिविर में ७१३२ पशुओं की सेवा की गयी।