श्री पावागढ़ तीर्थ / Shree Pavagadh Tirth: There was a time when...

    श्री पावागढ़ तीर्थ / Shree Pavagadh Tirth: There was a time when this temple was regarded as holy as the Shatrunjaya temple

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    श्री पावागढ़ तीर्थ / Shree Pavagadh Tirth

    मूलनायक : श्री पार्श्वनाथ भगवान, श्वेतवर्ण, पद्मासनस्थ, भगवान महावीर स्वामी।
    मार्गदर्शन : यह तीर्थ स्थान बड़ौदा से ५० किलोमीटर दूरी पर है। गोद्रा से यह ४६ कि.मी. की दूरी पर स्थित है। हलोल से इसकी दूरी ७ कि.मी. है। तथा कलोल से २० कि.मी.। चंपानेर गांव के निकट ऊंचे पर्वत पर यह तीर्थ है। तलहटी से पहाड़ की चढ़ाई लगभग ५ किलोमीटर है, रस्ता कठिन है। पालीताना यहां से ३४० कि.मी., महुवा २२५ कि.मी. है। स्टेशन से बस का साधन है। तीर्थ पर प्रात: ५ बजे से रात्रि ८.३० बजे तक बसों का आवागमन रहता है।
    परिचय : यह एक सिद्धक्षेत्र है। यहां पर कई मुनिगण घोर तपस्या करके मोक्ष पधारे। इस क्षेत्र से भगवान राम के पुत्र लव, कुश को भी मोक्ष प्राप्त हुए हैं। मुख्य मंदिर के अलावा पहाड़ पर और सात दिगंबर मंदिर है। चंपानेर गांव में २ दिगंबर मंदिर हैं। पूजा का समय ६ से १० बजे तक है।
    ठहरने की व्यवस्था : तलहटी में ठहरने के लिए धर्मशालाएं हैं। मंदिर कंपाउंड में किले के अंदर ५० कमरों की सर्व सुविधायुक्त धर्मशाला है। पुरानी धर्मशाला में ४० कमरे हैं। भोजनशाला प्रात: ११ से २ बजे तक तथा सायं ५ से सूर्यास्त तक उपलब्ध है।