श्री खुडाला तीर्थ / Shree Khudala :Nearly 60 cms. high, white...

    श्री खुडाला तीर्थ / Shree Khudala :Nearly 60 cms. high, white – colored idol of Bhagawan Dharmanath in the Padmasana posture.

    SHARE

    श्री खुडाला तीर्थ / Shree Khudala

    गेट वे ऑफ गोडवाड की उपाधि से विभूषित फालना और खुडाला अब अलग-अलग नहीं है बल्कि एक इकाई बन चुके है। परंतु जब रेल लाईन नहीं बनी थी और फालना स्टेशन अस्तितव में नहीं था तब खुडाला गांव ही प्रसिद्ध था। यहां की समृद्धी इसका प्राचीन वैभव आज भी बता रहा है जिसमें यहां के प्राचीन मंदिर इसके प्रमाण है। कहते है कि खुडाला में जैन संस्कृति सदियों पुरानी है, यही कारण है कि यहां जैन भारी संख्या में निवास करते आये है। खुडाला गांव के गढ़ के पास स्थित प्राचीन जैन मंदिर के कारण भी यह एक तीर्थ के रुप में विकसित होने लगा है। इस मंदिर में भगवान श्री धर्मनाथ की श्वेतवर्ण पद्मासन प्रतिमा बिराजमान है जो बडी चमत्कारी बताई जाती है। कुछ वर्ष पूर्व ही इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवा कर मंदिर की प्रतिष्ठा संपन्न हुई है। मंदिर के प्राचीन स्वरुपको विकसित कर नया रुप दिया गया है और इसे भव्य बनाया गया है। कहते है कि पोरवाल वंशज श्री रामदेव के पुत्र श्री सुराशाह ने इस मंदिर का निर्माण करवाया था तथा उनके भाई श्री नलधर द्वारा प्रभु प्रतिमा को वि.सं. १२४३ में प्रतिष्ठित किये जाने का लेख प्रतिमाजी पर उत्कीर्ण है। वि. सं. १५२३ व. सं. १५४३ में अन्य प्रतिमाएँ इस मंदिर में प्रतिष्ठित हुई

    नवनिर्माण के पश्चात् मंदिर का रंगमण्डप और गर्भगृह को शिल्पकला से सजाया गया है, मंदिर में प्रवे करते ही एक अपूर्व शान्ति का अनुभव होता है, मन पवित्रता से भर जाता है। सामने मूलनायक की सौम्य आकृति जैसे मन को मोह लेती है। मंदिर का उतंग शिखर और उस पर लहराती ध्वजा जैसे बार बार आने का संदेश दे रही है। यहां प्रतिवर्ष ज्येष्ठ कृष्णा ६ को ध्वजा चढ़ाते समय अनेक धार्मिक आयोजन किये जाते है। यहां आने वाले यात्रियों के लिए फालना स्टेशन पर धर्मशाला और भोजनशाला की भी व्यवस्था की गई है। धर्मशाला में ही मंदिर का नया निर्माण करवाया गया है तथा फालना-साण्डेराव रोड़ पर भव्य अम्बाजी के मंदिर का निर्माण भी चल रहा है। फालना-खुडाला अब औद्योगिक नगर के साथ ही एक जैन तीर्थ के रुप भी उभरता जा रहा है।